ओडिशा के जाजपुर में खराब ‘दही बड़ा’ खाने से कम से कम 58 लोग बीमार पड़ गए. यहीं पर एक बुजुर्ग महिला की मौत भी हो गई. ये घटना दशरथपुर ब्लॉक के ‘पाटा पुर’ नाम के एक गांव में हुई. यहां शुक्रवार सुबह करीब 8.30 बजे से 9.30 बजे के बीच गांव वालों ने सड़क किनारे एक विक्रेता से ‘दही बड़ा’ खाया था. नाश्ते में पसंद किए जाने वाले ‘दही बड़ा’ खाने के कुछ ही देर बाद, कई लोगों को उल्टी और दस्त जैसे लक्षण महसूस होने लगे.
परिवार के सदस्यों ने तुरंत उन्हें इलाज के लिए पास के सरकारी अस्पतालों में पहुंचाया. हालांकि, जब उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो उनमें से 52 लोगों को एम्बुलेंस से जाजपुर के जिला मुख्यालय अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया. प्रभावित लोगों में बच्चे और बड़े, दोनों शामिल हैं. जाजपुर के CDMO के मुताबिक, 25 बच्चे हैं और 27 बड़े हैं. बाकी 6 लोगों का इलाज उनके गांव में ही चल रहा है. ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग और जाजपुर के सांसद डॉ. रबिंद्र कुमार बेहरा हॉस्पिटल पहुंचे. यहां पर उन्होंने मरीजों से बातचीत की और उनकी सेहत का हालचाल पूछा. उन्होंने इस घटना के बारे में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ चर्चा भी की.
स्वास्थ्य अधिकारियों ने खाने से जहर फैलने के इस संदिग्ध मामले की जांच शुरू कर दी है. आगे की जानकारी का इंतजार है. मीडिया से बातचीत के दौरान जाजपुर के CDMO डॉ. बिजय कुमार मिश्रा ने बताया कि सभी मरीजो की हालत अब स्थिर है. कुछ लोगों को हल्का बुखार है, जो बाद में ठीक हो जाएगा.
उन्होंने बताया कि मुझे कैजुअल्टी डिपार्टमेंट के साथ-साथ मंगलपुर CHC के हमारे फील्ड स्टाफ से भी जानकारी मिली कि पटपुर गांव के कुछ लोग लूज मोशन, पेट दर्द और उल्टी से परेशान हैं. कल सुबह 8:00 से 11:00 बजे के बीच कुछ ‘दही बड़ा’ और कुछ करी खाने की बात सामने आई है. वहीं कुछ लोगों में शाम को और बाकियों में रात को लक्षण दिखने शुरू हो गए.
उन्होंने बताया कि एक मरीज रुद्र नारायण जेना ने बताया कि दोपहर करीब 12:00 बजे लक्षण दिखने शुरू हुए, जब उन्हें उल्टी और दस्त होने लगे. रुद्र नारायण ने बताया कि एक दही बड़ा बेचने वाला हमारे गांव आया था. मैंने दही बड़ा खाया और गांव के दूसरे लोगों ने भी खाया. दोपहर करीब 12:00 बजे लक्षण दिखने शुरू हो गए. मुझे और गांव वालों को उल्टी और दस्त होने लगे, हल्का बुखार और चक्कर भी आने लगे. फिर हमें यहां भर्ती कराया गया. डॉक्टरों के मुताबिक ये मामला फूड पॉइजनिंग का है.