Breaking News

9/11 हमले के 25 साल, मृतकों को श्रद्धांजलि, पीड़ित परिवारों के साथ खड़े: PM मोदी     |   ‘आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत सबसे आगे’, 9/11 हमले की बरसी पर बोले PM मोदी     |   महेश बाबू, राजामौली, VVS लक्ष्मण, साइना नेहवाल को SIR प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी     |   UP के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गड्ढा-मुक्त सड़कों को लेकर लखनऊ में बैठक की     |   BRICS Summit के लिए दिल्ली पहुंचे पुतिन, पालम एअरपोर्ट पर उतरा राष्ट्रपति का विमान     |  

‘जेन जी’ अब राजनीतिक वर्ग, सरकार व विपक्ष इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते : दीपांकर भट्टाचार्य

नयी दिल्ली, पांच सितंबर (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने शनिवार को कहा कि जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन से यह स्पष्ट हुआ है कि ‘जेन जी’ पीढ़ी अब एक राजनीतिक वर्ग के रूप में उभर चुकी है, जिसे सरकार नजरअंदाज नहीं कर सकती।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले विपक्ष को युवाओं की गोलबंदी से मजबूती हासिल करते हुए व्यापक चुनावी गठजोड़ बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।

भट्टाचार्य ने मतदान की उम्र 18 से घटाकर 16 वर्ष करने की भी वकालत की। उन्होंने कहा कि 1988 में मतदान की उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष करने के पीछे तर्क था कि युवा राजनीतिक रूप से जागरूक हैं और चुनावी प्रक्रिया में सार्थक रूप से भाग ले सकते हैं।

उनका कहना था कि यही तर्क अब 16 और 17 वर्ष के युवाओं पर भी लागू होता है।

माकपा (माले) लिबरेशन नेता ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक दलों को युवाओं और व्यापक मतदाता वर्ग की चिंताओं का सामूहिक रूप से जवाब देना चाहिए।

उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर विपक्षी गठबंधन की बैठक बुलाने की भी मांग की।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप जंतर-मंतर के प्रदर्शन को देखें, तो यह संदेश मिलता है कि युवा पीढ़ी परेशान हो चुकी है। उन्होंने (केंद्र ने) इसे दबाने की कोशिश की, लेकिन ऐसा नहीं कर सके। उन्हें किसी तरह के समझौते पर पहुंचने के लिए मजबूर होना पड़ा।’’

भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘यह दिखाता है कि जेन जी एक राजनीतिक वर्ग बन चुकी है, जिसे सरकार नजरअंदाज नहीं कर सकती। विपक्ष को इससे ताकत हासिल करनी चाहिए।’’

‘जेन जेड’ उस पीढ़ी को कहा जाता है जो 1997 से 2012 के बीच पैदा हुई है।

परीक्षा में कथित अनियमितताओं और युवाओं से जुड़े व्यापक मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन में युवाओं और छात्रों की लगातार भागीदारी रही थी।

भट्टाचार्य ने कहा कि इस प्रदर्शन ने युवाओं की चिंताओं को लेकर व्यापक संदेश दिया है और अब यह भावना केवल परीक्षा से जुड़े मुद्दों तक सीमित नहीं रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘जंतर-मंतर के प्रदर्शन ने बहुत मजबूत संदेश दिया कि भारत की युवा पीढ़ी सरकार से पूरी तरह परेशान है और सरकारी सेवाओं की बेहतर उपलब्धता, नीतिगत बदलाव तथा सरकार की जवाबदेही चाहती है।’’

भाषा हक अविनाश

अविनाश