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सरकारी कर्मचारियों से जुड़े मामलों की जांच के लिए सीबीआई को पूर्वानुमति लेनी होगी: बिहार सरकार

पटना, पांच सितंबर (भाषा) बिहार सरकार ने शनिवार को कहा कि राज्य में सरकारी कर्मचारियों से जुड़े कथित अपराधों की जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को पहले से अनुमति लेना “अनिवार्य” होगा।

गृह विभाग की एक अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है।

विभाग ने कहा कि यह अधिसूचना इस विषय से जुड़ी सभी पिछली अधिसूचनाओं को समाप्त करते हुए जारी की गई है।

अधिसूचना में कहा गया, “बिहार के राज्यपाल दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना सदस्यों की शक्तियों और अधिकार क्षेत्र को पूरे राज्य में बढ़ाने की सहमति देते हैं... ताकि भारत सरकार के कर्मचारियों, भारत सरकार के सीधे नियंत्रण वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से किए गए अपराधों की जांच की जा सके।”

उल्लेखनीय है कि सीबीआई एक गैर-सांविधिक संस्था है, जिसे दिल्ली पुलिस विशेष स्थापना अधिनियम, 1946 के तहत शक्तियां मिली हुई हैं।

गृह विभाग की अधिसूचना में कहा गया, “अगर किसी मामले में बिहार सरकार के कर्मचारी, बिहार सरकार के नियंत्रण वाली किसी कंपनी, निगम या बैंक के कर्मचारी, या बिहार सरकार से आर्थिक मदद पाने वाले किसी संस्थान से जुड़े लोग शामिल हैं, तो सीबीआई को जांच शुरू करने से पहले बिहार सरकार से अनुमति लेनी होगी।”

अधिसूचना में कहा गया, “दिल्ली पुलिस विशेष स्थापना सदस्यों से प्रस्ताव मिलने के बाद राज्य सरकार मामले के आधार पर जांच की अनुमति देने के संबंध में विचार करेगी और निर्णय लेगी।”

भाषा जोहेब नेत्रपाल

नेत्रपाल