नयी दिल्ली, पांच सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तेलंगाना में वन मंत्री कोंडा सुरेखा को मंत्रिपरिषद से हटाए जाने को लेकर शनिवार को कांग्रेस पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इस कदम से पता चलता है कि पार्टी राजनीति में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के खिलाफ है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बृहस्पतिवार को कोंडा सुरेखा को तत्काल प्रभाव से मंत्रिपरिषद से बर्खास्त कर दिया। यह कार्रवाई सुरेखा की बेटी की ओर से मुख्यमंत्री और अन्य लोगों के खिलाफ की गई टिप्पणियों को लेकर उठे विवाद के बीच की गई।
वहीं, सुरेखा ने दावा किया कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है और रेवंत रेड्डी पर ‘‘ब्लैकमेल की राजनीति’’ करने का आरोप लगाया।
भाजपा मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने सुरेखा को मंत्रिपरिषद से हटाए जाने को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ बताया और कहा कि यह कार्रवाई कांग्रेस के कथनी और करनी के बीच अंतर को दर्शाती है।
उन्होंने इस मामले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी नेताओं राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी वाद्रा की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
त्रिवेदी ने कहा, ‘‘राहुल गांधी के अलावा खरगे भी इस मुद्दे पर चुप हैं, जबकि उन्होंने हाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को तत्काल लागू करने की मांग की थी।’’
भाजपा के राज्यसभा सदस्य त्रिवेदी ने कहा, ‘‘इससे उनका असली चेहरा सामने आ गया है। कांग्रेस अपनी सोच, शब्दों और कार्यों में राजनीति में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के पूरी तरह खिलाफ है। कांग्रेस की कथनी और करनी के बीच का अंतर अब साफ दिखाई दे रहा है।’’
त्रिवेदी ने कहा कि तेलंगाना में सुरेखा को हटाए जाने के बाद कांग्रेस शासित राज्यों में अब केवल तीन महिला मंत्री रह गई हैं।
भाषा आशीष दिलीप
दिलीप