विद्यालयों के पाठ्यक्रम में श्यामा प्रसाद मुखर्जी और स्वामी प्रणवानंद के योगदान को शामिल किया जाएगा, जिनके बिना पश्चिम बंगाल का अस्तित्व ही नहीं होता : मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी।
भाषा धीरज नेत्रपाल
नेत्रपाल
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