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सोनिया गांधी के संस्मरण पर ‘पाबंदी’ विवाद को लेकर सतीशन ने पेंगुइन हाउस की आलोचना की

तिरुवनंतपुरम, 29 अगस्त (भाषा) केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने शनिवार को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के संस्मरण के प्रकाशन को लेकर हुए विवाद पर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जो प्रकाशक “अपने सिद्धांतों से समझौता करता है, वह लोकतंत्र से ही समझौता करता है”।

सतीशन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “श्रीमती सोनिया गांधी जी के संस्मरण के संबंध में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया का निर्णय अत्यंत चिंताजनक है। जब एक वैश्विक प्रकाशक दुनिया भर में किसी पुस्तक को उसके मूल रूप में जारी कर सकता है, तो भारत में तथ्यों को सेंसर और संपादित करने की अचानक आवश्यकता क्यों महसूस हुई?”

उन्होंने आरोप लगाया कि यह विवाद केंद्र सरकार की “संस्थागत कायरता” को दर्शाता है; ऐसी सरकार जो डरा-धमकाकर शासन करती है और ‘‘सच” से बुरी तरह डरती है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “सत्ता में बैठे लोगों को खुश करने के लिए सच को बदला नहीं जा सकता। तथ्यों को दबाने से सिर्फ जवाबदेही और पारदर्शिता का डर ही जाहिर होता है। एक मजबूत लोकतंत्र में तथ्यों का सामना बहस से होना चाहिए, न कि संस्थाओं के घुटने टेकने से।”

भारत में सोनिया गांधी के संस्मरण ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ के प्रकाशन को लेकर हुए विवाद के बीच सतीशन की प्रतिक्रिया आई।

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने एक बयान में कहा कि वह देश में इस किताब की प्रकाशक नहीं है। यह बयान अमेरिकी प्रकाशक अल्फ्रेड ए नॉफ (जो पेंगुइन रैंडम हाउस का ही हिस्सा है) द्वारा किताब के 10 नवंबर को बाजार में आने की घोषणा के कुछ दिनों बाद आया है।

पेंगुइन का यह बयान अंग्रेजी दैनिक ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की उस खबर के बाद आया जिसमें दावा किया गया था कि सोनिया गांधी द्वारा पांडुलिपि में संपादकीय बदलाव करने से इनकार किए जाने के बाद प्रकाशक पीछे हट गया।

भाषा प्रशांत अविनाश

अविनाश

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