Breaking News

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से मिले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, ब्रेकफास्ट पर हुई चर्चा     |   'संघर्ष अब सिर्फ क्षेत्रों तक सीमित नहीं', BRICS ओपन सेशन में बोले PM मोदी     |   इंडोनेशिया में पैसेंजर शिप से 140 लोग लापता, बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी     |   BRICS समिट के बाद चीन के लिए रवाना हुए राष्ट्रपति शी जिनपिंग     |   मायावती का आकाश आनंद पर हमला, बीमारी की झूठी खबर फैलाने का लगाया आरोप     |  

आगरा में प्राकृतिक रत्नों से सजी राखियां बनीं आकर्षण का केंद्र

आगरा (उप्र), 26 अगस्त (भाषा) रक्षाबंधन से पहले जहां बाजार पारंपरिक और डिजाइनर राखियों से गुलजार हैं, वहीं आगरा के कारीगर प्राकृतिक रत्नों से तैयार राखियों के जरिए लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।

संगमरमर के हस्तशिल्प के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध आगरा में कारीगरों ने पहली बार प्राकृतिक रत्नों का इस्तेमाल कर राखियां तैयार की हैं, जो अपने अनूठे और आकर्षक रूप के लिए पसंद की जा रही हैं।

ये राखियां ताजगंज क्षेत्र में बनाई जा रही हैं। इन्हें तैयार करने वाले कारीगर प्राकृतिक रत्नों के टुकड़ों को तराशकर उनकी चमक और सुंदरता निखारते हैं।

हस्तशिल्प कारीगर इसरार ने कहा कि एक राखी तैयार करने में कई कारीगरों की भूमिका होती है और प्रत्येक को अलग-अलग काम सौंपा जाता है। इस वजह से एक राखी तैयार करने में समय लगता है।

हस्तशिल्प व्यापारी अदनान शेख ने बताया कि राखियां बनाने में ब्राजीलियन एगेट, मैलाकाइट, मदर ऑफ पर्ल, जैस्पर और लैपिस जैसे प्राकृतिक रत्नों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘राखियों को आकर्षक और शानदार रूप देने के लिए अलग-अलग रंग के पत्थरों का इस्तेमाल किया जाता है।’’

कारीगर और व्यापारी भारत के साथ-साथ विदेशों में भी ग्राहकों को ऑनलाइन ये राखियां बेच रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि यह नया उत्पाद आगरा के हस्तशिल्प उद्योग के लिए एक नया बाजार तैयार करेगा।

शेख ने कहा कि प्राकृतिक रत्नों से जड़ी राखियां इस साल पहली बार बाजार में पेश की गई हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में रक्षाबंधन के दौरान इस तरह की राखियों की मांग बढ़ेगी।

भाषा सं जफर मनीषा सुरभि

सुरभि