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उच्च-प्रौद्योगिकी कंपनियों को बीआईएस प्रमाणन से छूट की रूपरेखा पर काम जारीः गोयल

तोक्यो, 25 अगस्त (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि सरकार भारत में विनिर्माण इकाइयां लगाने वाली उच्च-प्रौद्योगिकी कंपनियों को उपकरण और कलपुर्जों के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के अनिवार्य प्रमाणन से छूट देने की रूपरेखा पर काम कर रही है।

गोयल ने कहा कि जापान की प्रौद्योगिकी कंपनियों ने बीआईएस प्रमाणन की अनिवार्यता को लेकर जो चिंताएं जताई हैं, उनका भारत सरकार ने संज्ञान लिया है और बीआईएस तथा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय को इस संबंध में रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि यह छूट कंपनी, उद्योग, उत्पाद या परियोजना के स्तर पर जरूरत के हिसाब से दी जा सकती है। इसका उद्देश्य भारत में विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने वाली उच्च-प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए उपकरण, वस्तुओं और सेवाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देना है।

गोयल ने यहां सेमीकंडक्टर और कृत्रिम मेधा (एआई) क्षेत्र की कंपनियों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर विनिर्माण की संभावनाएं काफी अधिक हैं और सरकार देश को प्रमुख वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए प्रयासरत है।

उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार भारत में सेमीकंडक्टर की मांग वर्ष 2032 तक बढ़कर 150 अरब डॉलर तक पहुंच जाने की उम्मीद है।

गोयल ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत की सेमीकंडक्टर डिजाइन एवं विनिर्माण पारिस्थितिकी के विकास के लिए ‘सेमिकॉन 2.0’ अभियान को मंजूरी दी है, जिसके तहत 1,27,500 करोड़ रुपये का कुल बजट प्रावधान किया गया है। राज्यों के प्रोत्साहनों को मिलाकर इससे करीब 50 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि ‘सेमिकॉन 2.0’ के तहत सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन, मशीन एवं सामग्री तथा फैब इकाइयों समेत छह प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा। भारत में पहली फैब इकाई 2028 में शुरू होने की उम्मीद है।

गोयल ने कहा कि सरकार जापानी कंपनियों की जरूरत के अनुरूप विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड), निर्यातोन्मुख इकाई (ईओयू) और ‘गोदाम में विनिर्माण एवं अन्य परिचालन’ (एमओओडब्ल्यूआर) जैसी व्यवस्थाओं के तहत उपलब्ध प्रोत्साहनों का लाभ दिलाने के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय