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स्टालिन ने उच्च न्यायालय में दायर की याचिका, प्रतिद्वंद्वी की जीत को 'अमान्य' घोषित करने की मांग की

चेन्नई, 24 अगस्त (भाषा) द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने सोमवार को मद्रास उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र से तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) उम्मीदवार वी. एस. बाबू के निर्वाचन को अमान्य घोषित करने और इसके बाद खुद को उस निर्वाचन क्षेत्र से विधिवत निर्वाचित घोषित करने की मांग की है।

अपनी याचिका में स्टालिन ने तर्क दिया कि चुनाव संपन्न होने और परिणाम घोषित होने के बाद, उन्होंने कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित 14 चयनित ईवीएम सेट के कंट्रोल यूनिट, बैलट यूनिट और वीवीपीएटी में लगे बर्न मेमरी/माइक्रोकंट्रोलर की जांच और सत्यापन के लिए वरिष्ठ वकील एन. आर. एलंगो को अपना अधिकृत प्रतिनिधि नियुक्त किया था।

एलंगो द्वारा जांच और सत्यापन के दौरान गंभीर और चिंताजनक अनियमितताएं सामने आईं। एलंगो ने तुरंत जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर इन गंभीर कमियों से अवगत कराया।

इन बातों पर ध्यान दिए बिना, जिला निर्वाचन अधिकारी ने यह घोषित कर दिया कि जांच और सत्यापन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार पांच अगस्त को पूरा कर लिया गया था।

उन्होंने छह अगस्त को जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर सामने आई तकनीकी गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इंजीनियर द्वारा दिया गया सामान्य प्रमाण पत्र काफी नहीं है; यह मशीनों के खराब होने के असली कारणों को बताने वाली 'तकनीकी विफलता रिपोर्ट' की जगह नहीं ले सकता।

उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी के इस दावे को स्वीकार करने से इनकार कर दिया कि प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई थी। इसलिए, उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेश को चुनौती देते हुए यह याचिका दायर की है।

उन्होंने कहा कि उनके अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरणों और उठाई गई आपत्तियों का कोई जवाब दिए बिना ही, अधिकारियों ने बिना सोचे-समझे यांत्रिक रूप से यह आदेश पारित कर दिया है।

उन्होंने अधिकारियों को कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र से संबंधित वीवीपीएटी पर्चियों की 100 प्रतिशत गिनती करने और कोलाथुर क्षेत्र में तैनात सभी 286 मशीनों की जांच और सत्यापन करने का निर्देश देने की भी मांग की।

भाषा सुमित दिलीप

दिलीप