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राजस्थान में बालिकाओं व महिलाओं की 21 योजनाओं में एक रुपया तक खर्च नहीं हुआ: अशोक गहलोत

जयपुर, 24 अगस्त (भाषा) पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की एक रिपोर्ट के हवाले से सोमवार को आरोप लगाया कि राज्य में बच्चों, बालिकाओं और महिलाओं के लिए चल रही 37 में से 21 योजनाओं में जमीन पर एक रुपया तक खर्च नहीं हुआ।

गहलोत ने इसे राज्य की मौजूदा भारतीय जनता पार्टी सरकार की एक और शर्मनाक हकीकत करार दिया है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा, ‘‘कैग की रिपोर्ट ने भाजपा सरकार की एक और शर्मनाक हकीकत विधानसभा के सामने उजागर कर दी है। बच्चों, बालिकाओं और महिलाओं के लिए चल रही 37 में से 21 योजनाओं में जमीन पर एक रुपया तक खर्च नहीं हुआ।’’

उन्होंने कहा कि एक करोड़ से ज्यादा बच्चों, छात्राओं और महिलाओं के लिए तीन हजार करोड़ रुपए का बजट जारी हुआ, लेकिन खर्च शून्य रहा।

गहलोत ने दावा किया कि कालीबाई भील स्कूटी योजना में 21.61 करोड़ रुपए, माँ बाड़ी केंद्रों के निर्माण में छह करोड़ रुपए, शिक्षा का अधिकार के तहत निजी स्कूल फीस भरपाई के 55.31 करोड़ रुपए तक खर्च नहीं हुए। उन्होंने कहा कि कॉलेजकी छात्राओं और महिलाओं की सभी नौ योजनाओं में तो एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ, चाहे लाड़ली सुरक्षा योजना हो या परित्यक्ता महिला पेंशन योजना।

उन्होंने कहा ‘‘इन सबका सीधा नुकसान बच्चों और महिलाओं को हो रहा है, पर भाजपा सरकार को इसकी कोई परवाह नहीं है।’’

गहलोत ने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार, गत कांग्रेस सरकार द्वारा चलाई गईं इन जनहित की योजनाओं को अनौपचारिक रूप से बंद करने के रास्ते पर है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस सरकार ने सत्ता में आते समय जिन योजनाओं को खुलेआम बंद करने की हिम्मत नहीं दिखाई, दुखद आश्चर्य है कि उन योजनाओं के लिए बजट घोषणा करने के बावजूद बजट खर्च क्यों नहीं किया जा रहा है। यह लापरवाही नहीं, बच्चों, बेटियों और महिलाओं के साथ धोखा है।’’

भाषा पृथ्वी

मनीषा

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