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उगाही, भ्रष्टाचार और जालसाजी के मामलों में फरार तृणमूल निगम पार्षद सुशांत घोष पुरी से गिरफ्तार

कोलकाता, 18 जून (भाषा) उगाही, भ्रष्टाचार और जालसाजी के मामलों में वांछित तृणमूल कांग्रेस के निगम पार्षद सुशांत घोष को ओडिशा के पुरी से बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि घोष को कोलकाता पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और ओडिशा पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए अभियान के दौरान पकड़ा गया।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के कस्बा क्षेत्र के पार्षद घोष पर उगाही, धमकी देने, भ्रष्टाचार और जालसाजी के आरोप हैं।

उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ उगाही से जुड़ी एक प्राथमिकी दर्ज थी और वह इस मामले में फरार थे।

अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पुख्ता सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों राज्यों की पुलिस टीम ने पुरी में घोष को गिरफ्तार किया।

उन्होंने बताया कि घोष को कोलकाता लाया जा रहा है।

घोष ने पिछले महीने कोलकाता नगर निगम के बोरो 12 के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, हालांकि वह पार्षद पद पर बने हुए हैं।

अधिकारी के अनुसार, उनके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फुटपाथ की दुकान को साढ़े तीन लाख रुपये में बेचने का आरोप भी शामिल है।

अधिकारी ने बताया, 'वहां करीब 900 दुकानें लगाने की इजाज़त दी गई थी।' उन्होंने यह भी कहा कि राजडांगा स्कूल रोड के रहने वाले एक व्यक्ति ने आनंदपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

घोष पर फेरीवालों और स्थानीय व्यापारियों से बड़ी रकम वसूलने का भी आरोप है।

अधिकारी ने यह भी बताया कि घोष के वाहन चालक को पहले ही ओडिशा सीमा के पास गिरफ्तार किया गया था।

ईएम बाईपास स्थित रूबी क्रॉसिंग के पास 'हॉकर एसोसिएशन' के सदस्यों ने 29 मई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि पार्षद ने फुटपाथ पर दुकानें लगाने की अनुमति देने के एवज में तीन से चार लाख रुपये की उगाही की।

शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इस तरह फेरीवालों से लगभग तीन करोड़ रुपये वसूले गए।

भाषा प्रचेता सुरेश

सुरेश