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एआई मंच से जुड़ी साइबर सुरक्षा चिंताओं के बीच एक्सिस बैंक ने डिजिटल प्रणालियों को बताया सुरक्षित

कोलकाता, 17 जून (भाषा) निजी क्षेत्र के अग्रणी एक्सिस बैंक ने बुधवार को कहा कि उन्नत कृत्रिम मेधा (एआई) मॉडल और बैंकिंग साइबर सुरक्षा पर उनके संभावित प्रभाव को लेकर जारी चिंताओं के बीच उसका डिजिटल बुनियादी ढांचा पूरी तरह सुरक्षित है।

बैंक ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी की घटनाएं बैंक की प्रणालियों में किसी सेंधमारी के कारण नहीं, बल्कि मुख्य रूप से बाहरी संचार के माध्यम से ग्राहकों के झांसे में आने के कारण होती हैं।

बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि एक्सिस बैंक ने अपने परिचालन में डेटा सुरक्षा का एक बेदाग रिकॉर्ड बनाए रखा है और साइबर सुरक्षा ढांचे में किसी भी कमजोरी के कारण बैंक को कभी धोखाधड़ी का सामना नहीं करना पड़ा है।

यह टिप्पणी ‘मिथोस’ एआई मॉडल को लेकर बढ़ी चर्चा के बीच आई है। इस मॉडल के बारे में दावा किया जा रहा है कि यह सुरक्षा संबंधी कमजोरियों की पहचान की प्रक्रिया को काफी तेज कर सकता है, जिससे बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र में चिंताएं बढ़ी हैं।

एक्सिस बैंक में वित्तीय अपराध आसूचना विभाग के प्रमुख गौरव गुप्ता ने कहा, ‘‘हमारे अनुभव में धोखाधड़ी की घटनाएं आमतौर पर हमारी साइबर सुरक्षा व्यवस्था में किसी कमी के कारण नहीं होतीं।’’

उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा और साइबर धोखाधड़ी के बीच अंतर समझना महत्वपूर्ण है। बैंक अपनी डिजिटल प्रणालियों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं, लेकिन कई धोखाधड़ी तब होती हैं जब ग्राहक भ्रामक संदेशों, ऑनलाइन ठगी के प्रयासों का शिकार हो जाते हैं।

गुप्ता ने कहा, ‘‘साइबर धोखाधड़ी इसलिए हो रही है क्योंकि ग्राहक उन्हें भेजे जा रहे संदेशों या संचार के झांसे में आ रहे हैं, न कि हमारी सुरक्षा व्यवस्था में किसी कमी के कारण।’’

बैंक अधिकारियों के अनुसार, ‘मिथोस’ एआई मॉडल से जुड़े दावों के सामने आने के बाद सरकार ने बैंकों के साथ चर्चा की थी। साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) भी उभरते साइबर खतरों के प्रति संस्थानों की तैयारियों का आकलन करने के लिए लगातार निगरानी संबंधी अभ्यास कर रहा है।

भाषा

योगेश अजय

अजय