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तृणमूल कांग्रेस के सहयोगी अनित थापा ने जीटीए के प्रमुख पद से इस्तीफा दिया

दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल), 17 जून (भाषा) बीजीपीएम के अध्यक्ष अनित थापा ने बुधवार को कहा कि उन्होंने गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) के मुख्य कार्यकारी के पद से इस्तीफ़ा दे दिया है।

जीटीए एक ​​अर्द्ध-स्वायत्त निकाय है जो पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग और कलिम्पोंग की पहाड़ियों का प्रशासन संभालता है।

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के सहयोगी थापा ने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफ़े की घोषणा की। यह घोषणा ऐसे वक्त की गई है जब पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि उनकी सरकार जीटीए के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कराएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

मुख्य कार्यकारी का पद छोड़ने के अलावा, थापा ने जीटीए के सदस्य पद से भी इस्तीफा दे दिया।

थापा के करीबी सूत्रों ने बताया कि बीजीपीएम अब पहाड़ी इलाकों के विकास के लिए राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार के साथ सहयोग करेगी।

थापा ने गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) से अलग होकर भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा (बीजीपीएम) का गठन किया।

तृणमूल के समर्थन से, थापा की बीजीपीएम ने पहाड़ी इलाकों की तीनों विधानसभा सीटों दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और कर्सियांग में चुनाव लड़ा लेकिन भाजपा से हार गई।

जीटीए की स्थापना 2011 में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने की थी, ताकि आंदोलनरत गोरखा समुदाय के सदस्यों को संतुष्ट किया जा सके, जो पश्चिम बंगाल से अलग कर एक अलग राज्य ‘गोरखालैंड’ की मांग कर रहे थे।

अधिकारी ने मंगलवार को कर्सियांग के दौरे के दौरान आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने जीटीए के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 180 करोड़ रुपये आवंटित किए थे, लेकिन कोई काम नहीं हुआ और यह राशि कथित रूप से गबन कर ली गई।

उन्होंने जीटीए द्वारा संचालित स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति में कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘जनता का पैसा चुराने वालों को जेल भेजा जाएगा। हम किसी को नहीं बख्शेंगे। न खाऊंगा, न खाने दूंगा।’’

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश