ईटानगर, 17 जून (भाषा) नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (नीपको) ने बुधवार को एक सार्वजनिक परामर्श जारी कर लोगों और संबंधित पक्षों को मौजूदा मानसून और इसके बाद पारे पनबिजली परियोजना के जलाशय से नियंत्रित तरीके से पानी छोड़े जाने की संभावना के प्रति सचेत किया है।
पनबिजली संरचना रखरखाव और बुनियादी ढांचा प्रभाग के उप महाप्रबंधक (तकनीकी) ताबा गागुंग ने एक परामर्श में कहा कि पारे नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण जलाशय का जलस्तर बढ़कर 245.15 मीटर ऊंचाई तक पहुंच सकता है।
बांध की संरचनात्मक सुरक्षा बनाए रखने और निर्बाध बिजली उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पानी को बांध के जल कपाटों के माध्यम से धीरे-धीरे और नियंत्रित तरीके से छोड़ा जा सकता है।
अधिकारी ने आगाह किया कि अचानक आने वाली बाढ़ या पानी की आमद में अचानक बढ़ोतरी होने की स्थिति में आपातकालीन निकासी की सुविधा के लिए और निचले इलाकों में आपदा को टालने के लिए बांध के सभी जल कपाट किसी भी समय खोले जा सकते हैं।
परामर्श में लोगों से मानसून की अवधि के दौरान जलाशय या नदी के तटों के पास न जाने का सख्त आग्रह किया गया है।
पशुपालकों को भी सलाह दी गई है कि वे किसी भी दुर्घटना या संपत्ति के नुकसान से बचने के लिए जानवरों को नदी से दूर रखें।
भाषा सुमित जोहेब
जोहेब