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साइबर ठगी से हासिल पैसे की निकासी में मदद करने वाले गिरोह के पांच सदस्य गिरफ्तार

नयी दिल्ली, 17 जून (भाषा) दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी से प्राप्त पैसे को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से निकासी करने और इधर-उधर भेजने में मदद करने में शामिल गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है और ठगी से जुड़े नौ लाख रुपये को ‘फ्रीज़’ करा दिया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने मंगलवार को विकास (22), वंश (21), फैयाज आलम (22), अमित (28) और बलवीर कुमार (23) को उत्तर प्रदेश के बरेली से गिरफ्तार किया।

अधिकारियों ने बताया कि जसोला में एक निजी बैंक के शाखा प्रबंधक द्वारा संदिग्ध लेनदेन के बारे में पुलिस को सचेत करने के बाद यह अभियान शुरू किया गया।

जांच के दौरान, सरिता विहार थाने के अधिकारियों ने कमीशन-आधारित गिरोह का पर्दाफाश किया, जो कथित तौर पर बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका उपयोग साइबर धोखाधड़ी के माध्यम से प्राप्त धन को इधर-उधर करने और निकालने के लिए किया जाता था।

पुलिस ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत सरिता विहार थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान गिरोह का मुंबई में एक निजी कंपनी के साथ लगभग 10.40 करोड़ रुपये की ठगी के मामले से सीधा संबंध होने का पता चला।

अधिकारियों ने कहा कि मुंबई अपराध शाखा के दक्षिण साइबर थाने में दर्ज इस मामले में, जालसाजों ने 3-15 जून के बीच कथित रूप से 63 बार में यह पैसा स्थानांतरित किया था।

पुलिस ने कहा कि दिल्ली के इस मामले में जांच के दौरान सामने आ रही वित्तीय लेनदेन की राशि 10 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। साथ ही, जांचकर्ता पूरे गिरोह की पहचान करने और धन के प्रवाह का पता लगाने पर काम कर रहे हैं।

पुलिस का आरोप है कि आरोपी साइबर ठगी के पैसों को अपने या उपलब्ध कराए गये बैंक खातों के जरिये इधर-उधर भेजने और निकालने में मदद करते थे और इसके बदले उन्हें कमीशन मिलता था।

अधिकारियों ने बताया कि गिरोह से जुड़े अन्य लाभार्थियों, खाताधारकों और उनके आकाओं की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।

भाषा नोमान नोमान सुरेश

सुरेश