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केरल के मुख्यमंत्री ने ‘काफिर’ स्क्रीनशॉट से जुड़े विवाद को लेकर माकपा पर साधा निशाना

तिरुवनंतपुरम, 17 जून (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने ‘काफिर’ स्क्रीनशॉट से संबंधित विवाद के मामले में बुधवार को विपक्षी दल माकपा पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने ‘‘सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने और चुनावी फायदा हासिल करने’’ के लिए संघ परिवार जैसी तरकीबें अपनाई हैं।

उनकी यह टिप्पणी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की युवा शाखा, ‘डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (डीवाईएफआई) के एक स्थानीय नेता की गिरफ्तारी के एक दिन बाद आई है। यह गिरफ्तारी उस मामले के संबंध में हुई है, जिसने केरल के वडकरा लोकसभा क्षेत्र में 2024 के चुनाव प्रचार के दौरान बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था।

सतीशन ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि चुनाव से पहले ‘‘सांप्रदायिक विभाजन’’ के लिए एक फर्जी स्क्रीनशॉट बनाया गया था और उसे संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के तत्कालीन उम्मीदवार और मौजूदा लोकसभा सदस्य शफी परमबिल से गलत तरीके से जोड़ा गया था, ताकि उन्हें हराया जा सके।

उन्होंने कहा, ‘‘हम शुरू से ही कहते आ रहे थे कि इसके पीछे हमारा हाथ नहीं है। माकपा ने कैसा पाखंड किया?’’

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले केरल की वडकरा सीट के संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक पोस्ट को लेकर विवाद शुरू हुआ था। आरोप था कि उस पोस्ट में मतदाताओं से के. के. शैलजा को वोट न देने की अपील की गई थी और उन्हें ‘काफिर’ बताया गया था।

माकपा ने आरोप लगाया था कि इस सामग्री को तैयार करने और फैलाने के पीछे कांग्रेस नीत यूडीएफ के कार्यकर्ता और उसके उम्मीदवार शफी परमबिल थे। वहीं, यूडीएफ का कहना था कि इस दुष्प्रचार अभियान की साजिश माकपा के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रची थी।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि माकपा ने ठीक वैसा ही किया जैसा संघ परिवार चुनावों के दौरान करता है- यानी चुनावी फायदे के लिए सांप्रदायिक बंटवारा करना। उन्होंने कहा, ‘‘इस दुष्प्रचार अभियान का मकसद यूडीएफ और उसके उम्मीदवार को हराना था।’’

भाषा आशीष देवेंद्र

देवेंद्र