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डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसदों ने ट्रंप से रूसी तेल पर प्रतिबंधों में छूट न बढ़ाने का आग्रह किया

(सागर कुलकर्णी)

वाशिंगटन, 17 जून (भाषा) डेमोक्रेटिक पार्टी की दो सांसदों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से रूसी तेल की खरीद पर अमेरिकी प्रतिबंधों से और छूट नहीं दिए जाने का आग्रह करते हुए कहा है कि ईरान के साथ युद्ध अब समाप्त हो चुका है इसलिए इस कदम का कोई औचित्य नहीं है।

सीनेटर जीन शाहीन और एलिजाबेथ वॉरेन ने मंगलवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि प्रतिबंधों से दी गई छूट से केवल रूस को यूक्रेन के खिलाफ अपने ‘‘अवैध युद्ध’’ का वित्तपोषण करने में मदद मिली है।

अमेरिका ने मार्च में भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए प्रतिबंधों से छूट दी थी। इसका उद्देश्य 28 फरवरी को ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि होने के बीच वैश्विक तेल बाजारों को स्थिर रखना था।

बाद में यह छूट अन्य देशों को भी दे दी गई। शुरुआत में एक महीने के लिए दी गई इस छूट की अवधि दो बार बढ़ाई जा चुकी है और इसकी अवधि 17 जून को समाप्त हो रही है।

दोनों सीनेटर ने कहा, ‘‘इस छूट की अवधि फिर से बढ़ाने से (रूस के राष्ट्रपति) व्लादिमीर पुतिन को ऐसे समय में भारी वित्तीय लाभ हासिल करने का एक और अवसर मिलेगा, जब वह यूक्रेन के खिलाफ अपना युद्ध जारी रखे हुए हैं।’’

उन्होंने कहा कि छूट को बढ़ाना ट्रंप की उस घोषणा के भी स्पष्ट रूप से विपरीत होगा कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त हो गया है और यह इन छूटों के पीछे दिए गए उनके इस तर्क के भी खिलाफ होगा कि ईरान के विरुद्ध युद्ध के कारण ऊर्जा बाजार में पैदा हुई बाधाओं को कम करने के लिए यह फैसला किया गया।

सांसदों ने कहा कि तेल बाजार में बाधाएं कम करने के ट्रंप के प्रयास स्पष्ट रूप से विफल रहे हैं और युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिकियों को पेट्रोल पंपों पर और किराना दुकानों से सामान खरीदने पर अत्यधिक दाम चुकाने पड़ रहे हैं।

शाहीन और वॉरेन ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि राष्ट्रपति ट्रंप वह बात समझेंगे जो साफ दिखाई दे रही है: यूक्रेन जीत रहा है और यदि राष्ट्रपति ट्रंप शांति समझौते में रुचि रखते हैं तो उन्हें पुतिन पर न्यायसंगत और स्थायी शांति स्वीकार करने के लिए दबाव बढ़ाना चाहिए, न कि उन्हें प्रतिबंधों से और राहत देनी चाहिए।’’

भाषा सिम्मी खारी

खारी