कोलकाता, 16 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने कथित जमीन धोखाधड़ी मामले में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के करीबी सहयोगी सुमित रॉय के खिलाफ मंगलवार को लुकआउट नोटिस जारी किया। सीआईडी के सूत्रों ने यह जानकारी दी।
यह घटनाक्रम अदालत की ओर से रॉय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के एक दिन बाद सामने आया है। पिछले कुछ दिनों में कई बार तलाश अभियान चलाए जाने के बावजूद रॉय का पता नहीं चल पाया है।
सीआईडी के सूत्रों के मुताबिक, रॉय से जुड़े कई परिसरों पर छापेमारी के दौरान उनका पता नहीं लगाया जा सका, जिसके बाद लुकआउट नोटिस जारी करने का फैसला लिया गया।
सीआईडी ने हालांकि, इस घटनाक्रम के सिलसिले में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
अदालत ने सोमवार को इस मामले में रॉय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। उसी दिन रॉय ने भी अग्रिम जमानत के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया।
रॉय के वकील ने न्यायमूर्ति जॉय सेनगुप्ता की पीठ के सामने यह मामला रखा। याचिका पर इस हफ्ते के आखिर में सुनवाई होने की संभावना है।
सीआईडी के एक अधिकारी ने कहा कि जांचकर्ता लगातार रॉय का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हमने उन जगहों पर तलाशी ली है, जहां रॉय के मौजूद होने की संभावना थी। उन्हें खोजने और जांच को आगे बढ़ाने की हमारी कोशिश जारी है।”
जांचकर्ताओं ने शनिवार सुबह कालीघाट में अभिषेक के घर पर तलाशी ली, जहां रॉय की आखिरी मोबाइल लोकेशन मिली थी।
सीआईडी के एक अधिकारी ने कहा, “ट्रैक किए जा रहे मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन उसी पते (अभिषेक के आवास) के पास मिली थी। इसी जानकारी के आधार पर तलाशी ली गई, लेकिन रॉय वहां नहीं मिले।”
सूत्रों के अनुसार, मेदिनीपुर के पूर्व विधायक सुजय हाजरा से पूछताछ के दौरान रॉय का नाम सामने आया। हाजरा को कथित जमीन धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया था।
अधिकारियों ने कहा कि जांचकर्ता इस मामले में रॉय की कथित भूमिका की जांच कर रहे हैं और उनसे पूछताछ के लिए उन्हें ढूंढने की कोशिशें जारी हैं।
भाषा पारुल प्रशांत
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