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आरएसएस के लोग असली हिंदू नहीं हैं, वे बस ‘हिंदुत्व के समर्थक हैं’ : मंत्री यतींद्र सिद्धरमैया

मैसुरु (कर्नाटक), 16 जून (भाषा) कर्नाटक के शहरी विकास मंत्री यतींद्र सिद्धरमैया ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्य असली हिंदू नहीं, बल्कि ‘हिंदुत्व’ के समर्थक हैं।

उन्होंने राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खरगे की इस मांग का समर्थन किया कि आरएसएस पंजीकरण कराए, अपनी कानूनी स्थिति स्पष्ट करे और वित्तपोषण, आय, खर्च और संपत्ति के स्रोतों का खुलासा करे।

यतींद्र ने कहा, ‘‘वह (आरएसएस) पंजीकरण क्यों न कराए? क्या उसके लिए कोई अलग कानून है? सिर्फ़ इसलिए कि वह आर्थिक गतिविधियों में शामिल लोगों का एक समूह है, यह कैसे कहा जा सकता है कि उसे पंजीकरण से छूट मिलनी चाहिए? आरएसएस सिर्फ़ एक सांस्कृतिक संगठन नहीं है, यह एक राजनीतिक संगठन है। हर कोई जानता है कि वह हर चुनाव में भाजपा के लिए काम करता है।’’

उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘हर शहर में उसके पास बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और करोड़ों की संपत्ति है। यह सब कहां से आया? यह सब जानने के लिए उसे पहले पंजीकरण कराना चाहिए।’’

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के इस बयान पर कि हिंदू धर्म भी पंजीकृत नहीं है, मंत्री ने पूछा, ‘‘क्या किसी धर्म और संगठन की तुलना की जा सकती है? धर्म उनके संगठन से अलग है। असल में वे सच्चे हिंदू नहीं हैं। वे हिंदू धर्म के विरोधी हैं। वे हिंदुत्ववादी हैं, हिंदू धर्म से नहीं हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘देश और धर्म की तुलना उनसे नहीं की जा सकती। आरएसएस एक संगठन है और उसे देश के कानून का पालन करना होगा और पंजीकरण कराना होगा।’’

जब उनसे पूछा गया कि क्या आरएसएस हिंदू धर्म की आड़ ले रहा है, तो यतींद्र ने जवाब दिया, ‘‘अगर वह हिंदू धर्म के नाम पर गलत काम करता है, तो क्या हमें चुप रहना चाहिए? क्या सिर्फ़ इसलिए उसे सभी कानूनों से छूट मिलनी चाहिए कि वह हिंदू धर्म की बात करता है?’’

भाषा

राजकुमार प्रशांत

प्रशांत