जयपुर, 31 मई (भाषा) राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचार व प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करते हुए 20 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया जबकि 332 कर्मचारियों को निलंबित और 17 कर्मियों की पेंशन रोक दी गयी। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गयी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निर्देश दिए कि दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसेवा का दुरुपयोग भ्रष्टाचार या कर्तव्य की उपेक्षा के लिए नहीं किया जा सकता।
शर्मा ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य जवाबदेही बढ़ाना और पारदर्शी शासन सुनिश्चित करना है।
बर्खास्त किए गए अधिकारियों में एक राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) अधिकारी सहित चिकित्सा, शिक्षा, खनन और लोक निर्माण विभाग के कई अधिकारी शामिल हैं।
बयान के मुताबिक, 100 से अधिक मामलों में अभियोजन की अनुमति दी गई है जबकि सैकड़ों मामले जांच के अधीन हैं।
सरकार ने सेवानिवृत्त अधिकारियों पर भी कार्रवाई की है।
भ्रष्टाचार और कदाचार से जुड़े कई मामलों में पूर्ण पेंशन रोक दी गई है, जिससे संकेत मिलता है कि सेवा के बाद भी कार्रवाई जारी रहेगी।
बयान में बताया गया कि 577 मामलों में जांच जारी है और कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जो अधिकारी ईमानदारी से जनता की सेवा नहीं करेंगे, उन्हें सरकारी सेवा में नहीं रखा जाएगा।
भाषा बाकोलिया जितेंद्र
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