(तस्वीरों के साथ) ... अमनप्रीत सिंह...
लखनऊ, 31 मई (भाषा) पूर्व विश्व चैंपियनशिप रजत पदक विजेता दीपक पूनिया ने भार वर्ग में बदलाव के बाद भारतीय टीम में सफल वापसी करते हुए रविवार को यहां एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में पुरुष फ्रीस्टाइल 97 किलोग्राम वर्ग का खिताब जीत लिया। अपने करियर का अधिकांश समय 86 किलोग्राम वर्ग में बिताने वाले दीपक ने 97 किलोग्राम वर्ग में बड़े और मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ भी सहज प्रदर्शन किया। उन्होंने फाइनल में जोंटी कुमार को ‘फॉल’ से हराकर एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में स्थान सुनिश्चित किया। ट्रायल के अंतिम दिन कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत और मजबूत दावेदार सुजीत कलकल ने भी अपने-अपने भार वर्ग में जीत दर्ज कर उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन किया। पुरुष फ्रीस्टाइल में भारत की सबसे बड़ी पदक उम्मीद माने जा रहे अमन ने 57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में राहुल को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 11-1 से हराकर राष्ट्रीय टीम में अपना स्थान बरकरार रखा। सुजीत ने 65 किलोग्राम वर्ग में शानदार लय जारी रखते हुए रणनीतिक मुकाबले में विशाल कालीरामणा को 2-0 से पराजित कर एशियाई खेलों का टिकट हासिल किया। सागर जागलान ने 74 किलोग्राम वर्ग के रोमांचक फाइनल में जयदीप को 8-6 से हराकर भारतीय टीम में जगह बनाई। मुकुल दहिया ने 86 किलोग्राम वर्ग में फाइनल में अमित को 4-2 से हराया, जबकि 125 किलोग्राम वर्ग के खिताबी मुकाबले में रजत राहुल ने दिनेश को 10-6 से शिकस्त दी। ट्रायल का परिणाम काफी हद तक अपेक्षित रहा और अनुभवी अंतरराष्ट्रीय पहलवानों ने अपनी मजबूत स्थिति बरकरार रखी। सबसे महत्वपूर्ण पहलू दीपक पूनिया का 97 किलोग्राम वर्ग में सफल बदलाव रहा, जिसने बेहद प्रतिस्पर्धी 86 किलोग्राम वर्ग में कठिन दौर के बाद उनकी अंतरराष्ट्रीय संभावनाओं को नई ऊर्जा दी है। दीपक ने हाल ही में गोंडा में आयोजित राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग प्रतियोगिता में 92 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लिया था। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) द्वारा उस प्रतियोगिता के पदक विजेताओं को एशियाई खेल चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दिए जाने से दीपक के लिए अवसर का रास्ता खुला। इस 26 साल के पहलवान के लिए हालांकि 97 किलोग्राम वर्ग में जाना किसी दीर्घकालिक योजना का हिस्सा नहीं है। दीपक ने बताया कि ट्रायल से कुछ दिन पहले लगी चोट के कारण उन्हें अपना वजन कम करने का कार्यक्रम छोड़ना पड़ा और उच्च वर्ग में किस्मत आजमानी पड़ी। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा वजन वर्ग बदलने का कोई इरादा नहीं था। मैं 86 किलोग्राम वर्ग के लिए तैयारी कर रहा था और हाल ही में 92 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा की थी। लगभग पांच-छह दिन पहले मुझे चोट लग गई और मैं अभ्यास नहीं कर सका। मेरा वजन पहले से ही लगभग 91-92 किलोग्राम था और डॉक्टरों ने मुझे वजन कम करने के बजाय ठीक होने पर ध्यान देने की सलाह दी क्योंकि इससे समस्या और बढ़ सकती थी। उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने पांच-छह दिन तक अभ्यास नहीं किया, इसलिए मेरा वजन थोड़ा और बढ़ गया। फिर मैंने 97 किलोग्राम वर्ग में कोशिश करने और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का फैसला किया। मैंने अच्छी तैयारी की थी और इस वर्ग में अपना 100 प्रतिशत देना चाहता था।” ग्रीको-रोमन शैली के 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में सुमित ने चेतन को 9-5 से हराकर जीत दर्ज की। दीपक ने भी ग्रीको-रोमन कुश्ती में अपनी जीत का सिलसिला जारी रखते हुए 67 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में नीरज को 10-6 से मात दी। अमन ने 77 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में विजय को 6-5 से हराया, जबकि सुनील ने 87 किलोग्राम वर्ग के खिताबी मुकाबले में रोहित बुरा को मात दी। एशियाई खेलों के लिए भारत की पुरुष फ्रीस्टाइल टीम: 57 किग्रा : अमन सहरावत 65 किग्रा : सुजीत कलकल 74 किग्रा : सागर जागलान 86 किग्रा : मुकुल दहिया 97 किग्रा : दीपक पूनिया 125 किग्रा : रजत राहुल ग्रीको-रोमन: 60 किग्रा : सुमित 67 किग्रा: दीपक 77 किग्रा: अमन 87 किग्रा: सुनील 97 किग्रा: नितेश 130 किग्रा: दीपांशु। भाषा आनन्द नमितानमिता