बोकारो, 31 मई (भाषा) झारखंड के बोकारो जिले में 25 वर्षीय महिला की कथित हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार महिला ने शुक्रवार रात दो पड़ोसियों के बीच हुए विवाद को शांत कराने का प्रयास किया था, जिस दौरान उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। गंभीर रूप से घायल महिला की शनिवार को बोकारो के एक अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
यह घटना शुक्रवार रात बेरमो थाना क्षेत्र के धौरा ढोरी रेलवे साइडिंग स्थित पांच नंबर कॉलोनी में हुई।
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड इकाई ने दावा किया है कि महिला चार महीने की गर्भवती थी और उसकी हत्या की गई है। पार्टी ने इस घटना के विरोध में एक दिवसीय बंद का आह्वान किया था, लेकिन मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इसे वापस ले लिया गया।
बोकारो से भाजपा के पूर्व विधायक बिरंची नारायण ने कहा, “पार्टी ने इस घटना के विरोध में एक दिवसीय बंद का आह्वान किया था, लेकिन हमने इसे वापस लेने का फैसला किया क्योंकि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।”
बेरमो थाना प्रभारी रोहित कुमार ने बताया, ‘‘हमने इस मामले में मुख्य आरोपी सुरेंद्र भुइयां समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार रात मुख्य आरोपी और एक अन्य पड़ोसी के बीच हुए विवाद में हस्तक्षेप करने पर महिला के साथ कथित रूप से मारपीट की गई थी। महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां शनिवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।’’
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पीड़िता अनीता देवी (25) और उसके पति ने दो पड़ोसियों के बीच हो रहे झगड़े में हस्तक्षेप किया था।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए तेनुघाट अनुमंडलीय अस्पताल भेजा गया है।
गिरफ्तार किए गए पांच अन्य आरोपियों की पहचान बबलू कुमार, बीरेंद्र कुमार भारती, राहुल डेगर, राजेश भुइयां और धीरेन भुइयां के रूप में हुई है।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने पीड़ित के परिजनों के बयान और लिखित शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि मामले में फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
भाजपा के राज्य महासचिव अमर कुमार बाउरी ने पीड़ित परिवार के लिए 25 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की।
उन्होंने निष्पक्ष पोस्टमार्टम जांच में कथित तौर पर छेड़छाड़ या बाधा डालने में शामिल पुलिसकर्मियों और चिकित्सा कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की।
उन्होंने कहा, “जिले में बंद का अल्टीमेटम देने के बाद ही पुलिस ने नामजद आरोपियों में से कुछ को गिरफ्तार किया। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक संरक्षण में चल रहे इस पूरे नेटवर्क की जांच होनी चाहिए।”
बाउरी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता एक जून को पीड़िता के परिवार से दोबारा मुलाकात करेंगे और जरूरत पड़ने पर पार्टी अनुसूचित जाति आयोग से संपर्क करने के लिए भी तैयार है।
राज्य कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा के आरोप 'दुर्भाग्यपूर्ण, भ्रामक और राजनीति से प्रेरित' हैं।
सिन्हा ने कहा, 'पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय, भाजपा इस दुखद घटना का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। हम इन आरोपों को निराधार, तथ्यात्मक रूप से गलत और दुर्भावनापूर्ण मानते हुए खारिज करते हैं।'
उन्होंने राजनीतिक दलों से इस मामले का राजनीतिकरण न करने और पुलिस को बिना किसी हस्तक्षेप के जांच करने देने का आग्रह किया।
भाषा राखी अविनाश
अविनाश