भुवनेश्वर, 31 मई (भाषा) अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के महासचिव वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने रविवार को कहा कि भारत को नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में वैश्विक अग्रणी के रूप में स्थापित करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग के बीच मजबूत समन्वय महत्वपूर्ण है।
भुवनेश्वर में एबीवीपी की तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद (एनईसी) की बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए सोलंकी ने भारतीय उद्योगों से अनुसंधान एवं विकास में निवेश को काफी बढ़ाने और विश्वविद्यालयों और युवा नवोन्मेषकों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें विश्वास है कि युवा अपनी प्रतिभा, नवोन्मेषी क्षमताओं और राष्ट्रीय चेतना के माध्यम से देश को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे।’’
एनईसी की बैठक में शैक्षिक सुधारों, ‘शहरी माओवाद’, महिलाओं के धर्मांतरण और मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति पर चार प्रस्ताव पारित किए गए।
सोलंकी ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक में पारित प्रस्ताव न केवल समकालीन चुनौतियों के प्रति एबीवीपी की प्रतिक्रिया हैं, बल्कि एक विकसित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के हमारे व्यापक दृष्टिकोण को भी दर्शाते हैं।’’
भाषा शफीक नरेश
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