मंगलुरु (कर्नाटक), 31 मई (भाषा) उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने रविवार को कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा में समावेशी विकास केंद्रीय भूमिका निभाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रगति का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचना चाहिए।
धर्मस्थल संस्थानों के तत्वावधान में आयोजित सिरी मठाश्री इंडस्ट्रियल पार्क के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि 'विकसित भारत' का सपना तभी साकार हो सकता है जब विकास समान, सामाजिक रूप से सशक्त और सभी के लिए आर्थिक अवसरों वाला हो।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नवाचार को बढ़ावा देने वाली पहलों के जरिए तेज़ बदलाव देखा है।
उन्होंने कहा, 'देश की विकास यात्रा समावेशी वृद्धि और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने पर केंद्रित है। आर्थिक प्रगति का लाभ हर नागरिक को मिलना चाहिए और सभी के लिए सम्मान तथा अवसर सुनिश्चित होने चाहिए।'
राधाकृष्णन ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में देश के युवाओं की आकांक्षाएं और ऊर्जा निर्णायक साबित होंगी।
भाषा जोहेब नरेश
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