हैदराबाद, 31 मई (भाषा) फर्जी सरकारी आदेश बनाकर हैदराबाद के गांडीपेट में बहुमूल्य सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की कोशिश के आरोपों के मद्देनजर दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
साइबराबाद पुलिस आयुक्तालय से जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया कि नरसिंगी थाने में दर्ज मामले में हाल ही में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद वी राधाकृष्ण (53) और उसके चालक (34) को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बताया कि राधाकृष्ण ने कथित तौर पर सरकारी नौकरी दिलाने का वादा करके कई लोगों से धोखाधड़ी की। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और विश्वासघात से संबंधित कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए।
पुलिस ने बताया कि अधिक पैसा कमाने के इरादे से उसने बड़े पैमाने पर भूमि संबंधी धोखाधड़ी का रास्ता अपनाया। इस प्रक्रिया में उसने गांडीपेट में सरकारी जमीन पर अधिकार का दावा करने वाले व्यक्तियों से संपर्क स्थापित किया और उस जमीन के जरिये अवैध रूप से भारी रकम कमाने की योजना बनाई।
जांच के दौरान यह पता चला कि आरोपी को यह पता होने के बावजूद कि जमीन सरकारी है और उस पर किसी का कोई कानूनी मालिकाना हक नहीं है, उसने आंध्र प्रदेश के एक नेता (पूर्व वाईएसआरसीपी विधायक) और उनके भाई (जो जमीन खरीदना चाहते थे) को झूठा आश्वासन दिया कि नियमितीकरण, उत्तराधिकार और अन्य सरकारी स्वीकृतियां प्राप्त की जा सकती हैं।
पुलिस ने बताया कि इस प्रक्रिया में राधाकृष्ण ने एक अन्य आरोपी के साथ मिलकर यह आश्वासन दिया कि वे जमीन पर कानूनी अधिकार प्रदान करने वाले दस्तावेज तैयार करेंगे और भारी मात्रा में धनराशि एकत्र की।
पुलिस ने बताया कि बाद में यह पता चलने के बावजूद कि वास्तविक सरकारी अनुमतियां प्राप्त करना संभव नहीं था, राधाकृष्ण ने एक वकील की सहायता से फर्जी सरकारी आदेश, फर्जी एनओसी, आधिकारिक पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज तैयार किए।
पुलिस ने कहा, 'यह पाया गया कि इन दस्तावेजों में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के नाम और हस्ताक्षर जाली थे और इन्हें असली सरकारी आदेशों की तरह दिखने के लिए तैयार किया गया था।'
जांच में पता चला कि इस साजिश के तहत नेता और जमीन के सौदे से जुड़े व्यक्तियों के बीच लगभग 12 करोड़ रुपये का वित्तीय लेनदेन हुआ था।
पुलिस ने आगे बताया कि नरसिंगी पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर राधाकृष्ण और उसके चालक को गिरफ्तार किया और इस साजिश से संबंधित महत्वपूर्ण सबूत एकत्र किए।
भाषा शुभम सुरेश
सुरेश