जम्मू, 31 मई (भाषा) कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई ने राज्य का दर्जा बहाल करने और जमीनी स्तर की लोकतांत्रिक संस्थाओं के चुनाव में देरी पर रविवार को चिंता व्यक्त की और आरोप लगाया कि यह स्थिति शासन और जनहित को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर रही है।
जम्मू जिले के खौर में पार्टी के संगठन सृजन अभियान के तहत आयोजित एक बैठक को संबोधित करते हुए, पार्टी की जम्मू-कश्मीर इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला ने कहा कि लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली और एक ऐसे शासन ढांचे का इंतजार कर रहे हैं जो स्थानीय आकांक्षाओं के प्रति अधिक जवाबदेह और उत्तरदायी हो।
भल्ला ने कहा, ‘‘राज्य का दर्जा बहाल करना महज एक राजनीतिक मांग नहीं है। यह प्रशासनिक दक्षता, लोकतांत्रिक जवाबदेही, त्वरित विकास और जनता की शिकायतों के प्रभावी समाधान से आंतरिक रूप से जुड़ा हुआ है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ण रूप से सशक्त राज्य सरकार के अभाव से लोगों के बीच यह धारणा पैदा हो गई है कि कई महत्वपूर्ण स्थानीय मुद्दों पर उतना ध्यान नहीं दिया जा रहा है जितना उन पर देना चाहिए।
भल्ला ने पंचायतों, शहरी स्थानीय निकायों और अन्य जमीनी स्तर की संस्थाओं के चुनाव कराने में हो रही देरी पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि उनकी लंबे समय तक निष्क्रियता ने स्थानीय स्तर पर विकासात्मक योजना और उसके क्रियान्वयन को प्रतिकूल रूप से प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर निर्वाचित प्रतिनिधि स्थानीय प्राथमिकताओं की पहचान करने, विकास कार्यों की निगरानी करने और सार्वजनिक सेवा वितरण में जवाबदेही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
दिहाड़ी मजदूरों, संविदा कर्मियों तथा अन्य अस्थायी श्रेणी के कर्मचारियों की समस्याओं को रेखांकित करते हुए भल्ला ने उनकी सेवाओं के नियमितीकरण की मांग के प्रति पार्टी के समर्थन को दोहराया।
भाषा आशीष नरेश
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