कोटा, 31 मई (भाषा) राजस्थान भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) ने रविवार को बारां शहर में एक ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी को गिरफ्तार किया, जिसने कथित तौर पर एक ट्रांसपोर्टर से सात हजार रुपये की रिश्वत ली थी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी उपनिरीक्षक चंद्रप्रकाश ने शिकायतकर्ता के ट्रैक्टर-ट्रॉली से बजरी और मिट्टी के परिवहन के मामले में कार्रवाई नहीं करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। वह इसी व्यक्ति से पहले भी 27,000 रुपये ले चुका था।
बारां एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) कालूराम वर्मा ने बताया कि डीएसपी प्रेमचंद के नेतृत्व में टीम ने आरोपी को एक बाजार से उस समय गिरफ्तार किया, जब उसने (चंद्रप्रकाश) कथित तौर पर एक बजरी परिवहनकर्ता से रिश्वत की रकम स्वीकार की।
ट्रांसपोर्टर ने 25 मई को बारां एसीबी में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि यातायात प्रभारी ने बजरी की ढुलाई के लिए उसके ट्रैक्टर-ट्रॉली के निर्बाध संचालन की अनुमति देने के बदले में उससे सात हजार रुपये प्रति माह की मांग की थी।
इस बीच, शिकायतकर्ता ने कहा कि उसके पास बजरी परिवहन के लिए आवश्यक दस्तावेज मौजूद थी और दावा किया कि आरोपी ने पहले ही रिश्वत के रूप में 27,000 रुपये ले लिए थे।
एएसपी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने 26 मई को सत्यापन किया और जाल बिछाने की योजना बनाई।
ऑपरेशन के दौरान, एसीबी ने कथित तौर पर चंद्रप्रकाश को रंगे हाथों पकड़ा और तुरंत उसे हिरासत में ले लिया।
एएसपी ने बताया कि एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और उससे पूछताछ जारी है।
इस बीच, एसीबी की एक टीम कोटा स्थित आरोपी निरीक्षक के घर पर तलाश अभियान चला रही है।
भाषा
राखी नरेश
नरेश