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शिमला, 31 मई (भाषा) कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए भाजपा ने मंडी, धर्मशाला और सोलन नगर निगम के चुनावों में जीत दर्ज की, जबकि सत्तारूढ़ पार्टी पालमपुर नगर निकाय बरकरार रखने में सफल रही।
भाजपा ने चुनाव परिणाम को अपने पक्ष में ‘‘जनमत संग्रह’’ करार दिया। हालांकि, कांग्रेस नेता नरेश चौहान ने कहा कि राज्य के लगभग 15 प्रतिशत मतदाताओं वाले ये चुनाव व्यापक जनमत का निर्धारण नहीं कर सकते।
चार शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव 17 मई को हुए थे और परिणाम रविवार को घोषित किए गए। यह मुकाबला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हिमाचल प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होगा।
भाजपा ने मंडी नगर निगम बरकरार रखा और धर्मशाला तथा सोलन नगर निगम की सत्ता कांग्रेस से छीन ली।
कुल 63 सीट के लिए मतदान हुआ, जिसमें भाजपा और कांग्रेस ने क्रमशः 37 और 23 सीट जीतीं। तीन सीट निर्दलीय उम्मीदवारों को मिलीं।
मंडी में भाजपा ने शानदार जीत हासिल करते हुए 12 सीट जीतीं जबकि कांग्रेस के खाते में केवल एक सीट गई, और एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार को मिली।
सोलन में भाजपा 17 में से 10 सीट जीतने में कामयाब रही। कांग्रेस छह सीट के साथ दूसरे स्थान पर रही और एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार ने हासिल की।
धर्मशाला नगर निगम में भाजपा ने 11 सीट जीतीं और कांग्रेस के खाते में पांच सीट आईं। इसके अलावा एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार को मिली।
कांग्रेस पालमपुर में विजयी रही और 15 में से 11 वार्ड जीतकर उसने नगर निगम पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया, जबकि भाजपा ने चार सीट पर जीत दर्ज की।
पालमपुर में सर्वाधिक 68.97 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद मंडी में 66.78 प्रतिशत, धर्मशाला में 60.01 प्रतिशत और सोलन में 58.32 प्रतिशत मतदान हुआ।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने यहां मीडिया से कहा कि चारों शहरी स्थानीय निकायों के परिणाम स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि राज्य की जनता ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को पूरी तरह से नकार दिया है।
उन्होंने कहा कि ये चुनाव राज्य सरकार की ‘‘जनविरोधी नीतियों’’ के खिलाफ ‘‘जनमत संग्रह’’ साबित हुए हैं, जिसमें जनता ने भाजपा के पक्ष में अपना विश्वास व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार और कांग्रेस नेता नरेश चौहान ने कहा कि पार्टी उन चुनाव परिणामों के संबंध में स्थानीय कारकों की समीक्षा करेगी, जिनमें उम्मीदवार चयन प्रक्रिया भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि केवल चार विधानसभा क्षेत्रों में फैले लगभग 15 प्रतिशत मतदाताओं के मतदान पैटर्न के आधार पर पूरे राज्य की स्थिति का निर्धारण नहीं किया जा सकता।
भाषा नेत्रपाल अविनाश
अविनाश