चंडीगढ़, 31 मई (भाषा) केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपनी हालिया आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए रविवार को अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय से माफी मांगते हुए कहा कि एक मंत्री के रूप में उन्हें ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता बिट्टू ने कहा कि वह पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के समक्ष भी माफी मांगने के लिए तैयार हैं।
बिट्टू की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब आयोग ने संगरूर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से बिट्टू द्वारा कथित तौर पर जातिवादी टिप्पणियों के इस्तेमाल के संबंध में एक जून तक रिपोर्ट मांगी है।
यह मामला 26 मई की उस घटना से जुड़ा है, जब धूरी में भाजपा नेता ओंकार सिंह की रिहाई की मांग को लेकर बिट्टू की कुछ पुलिस अधिकारियों के साथ तीखी बहस हुई थी।
ओंकार सिंह को निकाय चुनावों के दौरान ‘मौन अवधि’ में कथित रूप से चुनाव प्रचार करने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया था।
केंद्रीय मंत्री पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था। छब्बीस मई को ही निकाय चुनावों के लिए मतदान हुआ था।
अमृतसर में रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए बिट्टू ने अपनी टिप्पणी पर खेद व्यक्त किया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “मैं इस पवित्र नगरी में आया हूं और हाथ जोड़कर सिर झुकाते हुए एससी समुदाय के उन सभी लोगों से माफी मांगता हूं, जिनकी भावनाएं आहत हुई हों। उस समय परिस्थितियां जो भी रही हों, वह अलग बात है, लेकिन एक मंत्री होने के नाते मेरे मुंह से जो शब्द निकले, उसके लिए मैं क्षमा चाहता हूं। ऐसा नहीं होना चाहिए था।”
बिट्टू ने अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से कहा कि यदि आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी उनसे कहेंगे तो वह उनके समक्ष भी माफी पेश करेंगे।
इस घटना का एक वीडियो, जिसमें बिट्टू और कुछ पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक दिखाई दे रही है, सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था।
इससे पहले पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने बिट्टू की आलोचना करते हुए उनपर ‘गुंडागर्दी’ करने और धूरी में पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था।
भाषा रवि कांत सुरेश
सुरेश