नयी दिल्ली, 31 मई (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में सड़क चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने की अनुमति संबंधी आदेश को उच्चतम न्यायालय द्वारा बरकरार रखे जाने के बाद, शालीमार बाग इलाके में 143 अवैध ढांचों को ध्वस्त करने का कार्य शुरू कर दिया गया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
अतिक्रमण हटाओ अभियान हैदरपुर गांव में शुरू किया गया, जहां ये ढांचे प्रस्तावित कॉरिडोर (सड़क संख्या 320) के निर्धारित 30 मीटर के भीतर पाए गए।
यह कॉरिडोर शालीमार बाग रेलवे अंडरब्रिज को आउटर रिंग रोड से जोड़ता है। जिला के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई परियोजना को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिका को न्यायालय द्वारा खारिज किये जाने के बाद की जा रही।
शीर्ष न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व के एक फैसले को बरकरार रखा।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने अतिक्रमण हटाओ अभियान को रोकने और दशकों पुरानी भूमि अधिग्रहण कार्यवाही को अमान्य घोषित करने की याचिकाओं को खारिज कर दिया था।
जिलाधिकारी एसएस परिहार ने बताया कि यह जमीन दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के मास्टर प्लान के तहत सार्वजनिक सड़क के रूप में नामित सरकारी भूमि का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य शालीमार बाग, आजादपुर, रिंग रोड और आसपास के आवासीय व व्यावसायिक क्षेत्रों के बीच यातायात जाम को कम करना और संपर्क को बेहतर बनाना है।
भाषा जितेंद्र सुभाष
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