नयी दिल्ली, 31 मई (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी के अधिकारियों ने सड़क चौड़ीकरण परियोजना के अदालती आदेश के तहत अतिक्रमण हटाने के लिए रविवार को शालीमार बाग में लगभग 150 ढांचों को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि तड़के भारी पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्था के चलते इलाके को एक तरह से किले में बदल दिया गया था।
अधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान सुरक्षा की निगरानी करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद थे।
पुलिस उपायुक्त (उत्तर-पश्चिम) आकांक्षा यादव ने कहा, 'उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण चरणबद्ध और व्यवस्थित तरीके से हटाए जा रहे हैं। अतिक्रमण हटाने का अभियान योजना के अनुसार चल रहा है और शाम करीब छह बजे तक पूरा होने की उम्मीद है।'
उन्होंने कहा कि अभियान के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और अभियान के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस कर्मियों के साथ-साथ, आरएएफ, सीआरपीएफ और बीएसएफ सहित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 10 कंपनियों को तैनात किया गया है।
अधिकारी ने कहा, 'अभियान की पूरी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन निगरानी, वीडियोग्राफी और सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है। सभी निर्धारित क्षेत्रों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और अभियान के हर पहलू की वास्तविक समय में निगरानी की जा रही है।'
उन्होंने कहा कि स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है और पूरी तरह से नियंत्रण में है।
उन्होंने कहा, ‘‘आज सुबह इस अभियान के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती के बाद से निवासियों की ओर से किसी भी प्रकार के महत्वपूर्ण प्रतिरोध या कानून-व्यवस्था संबंधी बड़ी समस्या की सूचना नहीं मिली है और अतिक्रमण-रोधी प्रक्रिया निर्बाध आगे बढ़ रही है।’’
इसी बीच, एक अपील में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उत्तर पश्चिम जिला पुलिस शालीमार बाग क्षेत्र के सभी निवासियों से शांति, सद्भाव और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील करती है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने एक पोस्ट में लिखा, ‘‘उच्चतम न्यायालय के आदेश और मौजूदा स्थिति को देखते हुए शांति, सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र में व्यापक फ्लैग मार्च किया गया है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से प्रसारित हो रहे किसी भी भड़काऊ भाषण, अफवाह, भ्रामक संदेश या अपुष्ट जानकारी पर ध्यान न दें।’’
पुलिस और प्रशासन के साथ सहयोग करने का आग्रह करते हुए अधिकारी ने कहा, 'आइए हम सभी शांति, एकता और सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करें।'
भाषा शुभम सुरेश
सुरेश