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कोलकाता में अतिक्रमण हटाने के अभियान के विरोध में प्रदर्शन हिंसक हुआ, तीन पुलिसकर्मी घायल

(तस्वीरों के साथ)

कोलकाता, 17 मई (भाषा) कोलकाता के तिलजला में हाल ही में हुई ‘बुलडोजर कार्रवाई’ के खिलाफ प्रदर्शन रविवार को हिंसक हो गया। पार्क सर्कस इलाके में प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, जिसमें कम से कम तीन अधिकारी घायल हो गए और कई वाहनों को नुकसान पहुंचा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

तिलजला में एक फैक्टरी में आग लगने की घटना में दो लोगों की मौत के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने पिछले बुधवार को इलाके में अवैध ढांचों को गिराने के लिए ‘बुलडोजर कार्रवाई’ की थी।

अधिकारियों के मुताबिक, अतिक्रमण हटाओ अभियान के विरोध में लोग पार्क सर्कस सेवन प्वाइंट क्रॉसिंग के पास इकट्ठा हुए और सड़कों को अवरुद्ध करने की कोशिश की।

उन्होंने बताया कि जब पुलिस ने “गैरकानूनी रूप से जुटी भीड़” को तितर-बितर करने का प्रयास किया, तो उसमें शामिल कुछ लोग पथराव करने लगे, जिससे इलाके में अराजकता फैल गई।

अधिकारियों के अनुसार, पथराव के दौरान सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं, जिनमें केंद्रीय बलों को ले जाने वाले वाहन भी शामिल थे।

उन्होंने बताया कि घटना के बाद बड़ी संख्या में कोलकाता पुलिस और केंद्रीय बलों के जवानों को इलाके में तैनात किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि जवानों ने हालात को और बिगड़ने से रोकने तथा सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए तिलजला और आसपास के इलाकों में गश्त लगाई।

कोलकाता पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त आशीष बिस्वास ने कहा कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

उन्होंने संवाददाता को बताया, “कुछ लोगों ने सड़क अवरुद्ध करने की कोशिश की। यह एक अवैध जमावड़ा था। पुलिस प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने की कोशिश कर रही थी, तभी उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। हमारे तीन सहकर्मी घायल हो गए।”

बिस्वास ने कहा, “हिंसा के सिलसिले में हमने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है।”

उन्होंने बताया कि पुलिस ने मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार कार्रवाई की और हिंसा में शामिल सभी लोगों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं।

बिस्वास ने कहा, “पुलिस पर हमला किया गया। हम पता लगाएंगे कि इसके पीछे कौन है और उन सभी को गिरफ्तार करेंगे। सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

पुलिस ने जहां इस विरोध-प्रदर्शन को अवैध ढांचों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़ा बताया, वहीं कुछ स्थानीय लोगों ने दावा किया कि धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और सड़कों पर प्रार्थना करने पर कथित प्रतिबंधों को लेकर असंतोष ने भी तनाव बढ़ाया।

शुक्रवार को कोलकाता के राजाबाजार इलाके में लोगों के एक समूह ने सड़क पर कथित तौर पर नमाज अदा करने का प्रयास किया, जिससे वहां तनाव पैदा हो गया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी उस क्षेत्र में पहुंचे और लोगों से सड़क खाली करने के लिए कहा, जिसके बाद स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई।

स्थानीय समुदाय का कहना था कि सड़कों पर जुमे की नमाज अदा करना इलाके में लंबे समय से चली आ रही प्रथा है, जबकि प्रशासन का कहना था कि यातायात की सुचारु आवाजाही और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सड़कों को खाली रखना आवश्यक है।

हालांकि, पुलिस ने राजाबाजार की घटना और रविवार को पार्क सर्कस इलाके में हुए हिंसक विरोध-प्रदर्शन के बीच सीधे संबंध के कोई संकेत नहीं दिए।

अधिकारियों ने हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या भी नहीं बताई, न ही इस बारे में कोई जानकारी दी कि क्या हिंसा के दौरान कोई प्रदर्शनकारी भी घायल हुआ।

भाषा पारुल सुरेश

सुरेश