नयी दिल्ली, 15 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा बुधवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘युवा कुंभ’ पर परिसर में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
आयोजकों ने जहां इसे राष्ट्र निर्माण का मंच करार दिया, वहीं जेएनयू छात्र संघ ने इसे विश्वविद्यालय के नियमों का उल्लंघन और शैक्षणिक क्षेत्रों को प्रभावित करने का एक वैचारिक प्रयास बताया।
‘युवा कुंभ’ नामक इस कार्यक्रम का आयोजन संघ के शताब्दी वर्ष समारोह के उपलक्ष्य में किया गया।
इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष राम माधव ने भाषण देते हुए राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला और पिछले 100 वर्षों में इसमें संघ के योगदान का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, ‘‘युवा शक्ति ही वह आधारशिला है जिस पर भारत अपनी गौरवशाली विरासत का निर्माण करेगा, संघ का शताब्दी वर्ष इसी संकल्प का उत्सव है।’’
आयोजकों ने आरोप लगाया कि ‘वामपंथी तत्वों’ ने कार्यक्रम के दौरान व्यवधान डालने का प्रयास किया। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) ने इस आयोजन का कड़ा विरोध करते हुए इसे विश्वविद्यालय के लोकाचार पर ‘‘हमला’’ करार दिया और परिसर की सुविधाओं के व्यावसायिक या वैचारिक उपयोग पर सवाल उठाए।
भाषा प्रचेता नेत्रपाल
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