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यौन उत्पीड़न मामला: पुलिस ने कहा, आरोपियों ने संगठित गिरोह की तरह काम किया

नासिक, 15 अप्रैल (भाषा) नासिक में एक आईटी कंपनी की स्थानीय शाखा में धर्मांतरण के प्रयास और यौन उत्पीड़न के संबंध में पुलिस ने नौ मामले दर्ज किए हैं। जांच में पता चला है कि सात पुरुष आरोपी एक संगठित गिरोह की तरह महिला कर्मचारियों को निशाना बना रहे थे। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने दो महिला आरोपियों की भूमिका स्पष्ट करते हुए बुधवार को कहा कि गिरफ्तार की गई यूनिट की ऑपरेशन और एचआर प्रमुख ने कथित तौर पर एक पीड़िता को यह कहकर शिकायत दर्ज कराने से हतोत्साहित किया था कि ‘‘ऐसी चीजें होती रहती हैं’’ जिसने आरोपियों का साथ दिया था। दोनों महिला आरोपियों में से एक फरार है।

इसी से संबंधित एक घटनाक्रम में, नासिक की एक अदालत ने बुधवार को महिला प्रबंधक (परिचालन) को 28 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

आरोपियों के संबंध में किसी चरमपंथी संगठन की संलिप्तता या विदेश से वित्तीय सहायता मिलने की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए, पुलिस आयुक्त ने कहा कि गहन जांच की जा रही है और पुलिस ने एसआईडी (राज्य जांच विभाग), एटीएस (आतंक रोधी दस्ता) और एनआईए (राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण) को पत्र लिखा है।

उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा दर्ज किए गए नौ मामलों में कंपनी के एक पुरुष कर्मचारी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत भी शामिल है, जिसमें कार्यस्थल पर धर्म परिवर्तन के प्रयास और धार्मिक उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है।

इस सप्ताह की शुरुआत में, पुलिस ने आठ महिला कर्मचारियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया। महिला कर्मचारियों ने दावा किया कि वरिष्ठ सहकर्मियों ने उनका मानसिक और यौन उत्पीड़न किया, जबकि मानव संसाधन (एचआर) विभाग ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया।

पुलिस ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सात पुरुष और एक महिला ऑपरेशन मैनेजर शामिल है। जांचकर्ताओं के अनुसार, एक अन्य महिला कर्मचारी फरार है।

आरोपी पुरुषों की पहचान दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और शाहरुख शेख के रूप में हुई है।

टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन ने यौन उत्पीड़न के मामलों को ‘‘बेहद चिंताजनक और पीड़ादायक’’ बताया था और घोषणा की थी कि तथ्यों का पता लगाने और इस स्थिति के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करने के संबंध में टीसीएस की मुख्य परिचालन अधिकारी आरती सुब्रमण्यन के नेतृत्व में गहन जांच की जा रही है।

भाषा आशीष नेत्रपाल

नेत्रपाल