इंफाल, 15 अप्रैल (भाषा) मणिपुर के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने बुधवार को कहा कि बिष्णुपुर में पिछले दिनों लोगों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पें अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों के कारण हुईं।
हाल ही में हुए बम धमाके में दो बच्चों की मौत के विरोध में स्थानीय लोगों के प्रदर्शन के दौरान थिंगुंगेई और निंगथौखोंग इलाकों में हुई झड़पों में 10 लोग घायल हो गए और एक कार में आग लगा दी गई। इसके बाद मंगलवार को जिले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई। 'संदिग्ध व्यक्तियों के हथियारबंद होने' की अफवाहें फैलने के बाद तनाव बढ़ने पर सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे।
एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा, 'सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें एक महिला ने दावा किया कि निंगथौखोंग में एक वाहन में कुकी समुदाय के लोग मौजूद थे। थिंगुंगेई इलाके में कार को रोका गया और उस पर हमला किया गया। वाहन में सवार लोग असम राइफल्स के जवान थे जो मादक पदार्थ जब्त करने के अभियान पर जा रहे थे। राज्य पुलिस के कमांडो ने उन्हें बचा लिया।'
उन्होंने कहा, 'कुछ ऐसे तत्व हैं जो इंफाल घाटी के जिलों में अशांति बनाए रखना चाहते हैं। वे शांति की वापसी नहीं चाहते... उनकी पहचान की जानी चाहिए।'
ट्रोंगलाओबी में सात अप्रैल को हुए बम हमले में दो बच्चों की मौत के बारे में उन्होंने कहा कि मामला राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को सौंप दिया गया है और जांच जारी है।
उन्होंने कहा, 'घटना के पीछे कौन थे, इसका पता लगाने में समय लगेगा, लेकिन कुछ संदिग्धों को पकड़ा गया है और जांच जारी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी आरोपियों को पकड़ा जाए। राज्य और केंद्र दोनों बलों द्वारा पहाड़ी और घाटी के जिलों में तलाशी अभियान जारी है।”
भाषा
शुभम रंजन
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