चंडीगढ़, 15 अप्रैल (भाषा) राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (आप) के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद सांसद राघव चड्ढा और ‘आप’ के बीच जारी तनातनी के बीच, पंजाब सरकार ने उनकी 'जेड प्लस' श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली है।
इस बीच, दिल्ली में सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार चड्ढा को सुरक्षा प्रदान कर सकती है।
चड्ढा पंजाब से राज्यसभा सदस्य हैं और उन्हें राज्य सरकार द्वारा 'जेड प्लस' श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी।
सूत्रों ने बताया कि उनकी सुरक्षा कुछ दिन पहले वापस ले ली गई है।
आम आदमी पार्टी ने दो अप्रैल को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद पर चड्ढा की जगह सांसद अशोक मित्तल की नियुक्ति की घोषणा की थी।
पद से हटाए जाने के बाद चड्ढा ने कहा था कि उन्हें 'खामोश किया गया है, हराया नहीं'।
उनके इस बयान पर पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन पर 'अपनी छवि चमकाने' और संसद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज न उठाने का आरोप लगाया था।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चड्ढा के रुख पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया है।
मान ने पहले कहा था, 'यदि चड्ढा पश्चिम बंगाल में मतदाताओं के नाम 'हटाए' जाने जैसे मुद्दों पर बोलने, महत्वपूर्ण विषयों पर संसद से बहिर्गमन करने या गुजरात में 'आप' के कई स्वयंसेवकों और नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ आवाज उठाने को इच्छुक नहीं हैं, तो यह पार्टी की नीतियों का उल्लंघन और पार्टी व्हिप के खिलाफ जाना है।'
पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा सहित राज्य के अन्य 'आप' नेताओं ने भी चड्ढा पर संसद में राज्य के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
इसके जवाब में चड्ढा ने एक वीडियो साझा कर पंजाब के मुद्दों पर अपने हस्तक्षेप का प्रमाण दिया था।
दूसरी ओर, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और कांग्रेस ने उनकी सुरक्षा वापस लिए जाने के फैसले की कड़ी आलोचना की है।
शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोप लगाया कि सरकार ने पंजाब पुलिस का 'राजनीतिकरण' कर दिया है।
उन्होंने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मांग की कि वह चड्ढा को सुरक्षा देने और फिर उसे हटाने के कारणों का खुलासा करें।
मजीठिया ने एक बयान में आरोप लगाया, 'मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल राजनीतिक स्वार्थ के लिए पंजाब पुलिस का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग कर रहे हैं। जहां पुलिस और सतर्कता एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ किया जा रहा है, वहीं पंजाब की जनता की सुरक्षा के लिए पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती नहीं की जा रही है।'
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने सुरक्षा वापस लिए जाने के इस घटनाक्रम को 'नूरा कुश्ती' करार दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और आप एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और राजनीतिक हिसाब चुकता करने के लिए जांच एजेंसियों और सुरक्षा का दुरुपयोग कर रहे हैं।
भाषा
सुमित सुभाष
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