देहरादून (उत्तराखंड), 15 अप्रैल (भाषा) उत्तराखंड के ऋषिकेश में फर्जी भारतीय दस्तावेजों के सहारे अवैध रूप से रह रही एक बांग्लादेशी महिला को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया । पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने यहां बताया कि संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार‘ के तहत एक गोपनीय सूचना के आधार पर नटराज चौक क्षेत्र में आरोपी महिला को गिरफ्तार किया गया।
उसने कहा कि आरोपी महिला की पहचान बांग्लादेश के ढ़ाका की रीता उर्फ रीना (24) के रूप में की गयी है ।
रीता ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह सोशल मीडिया पर रिपोन नामक एक व्यक्ति के संपर्क में आयी जिसने उसे भारत में नौकरी दिलाने का प्रलोभन दिया। उसने पुलिस को बताया कि करीब एक माह पूर्व वह उसी के जरिए अवैध रूप से सीमा पार कर भारत आयी थी ।
उसने पुलिस से कहा कि भारत आने के बाद उसने अपनी असली पहचान छुपाने के लिए पश्चिम बंगाल में फर्जी कागजात तैयार कर उनके जरिए फर्जी आधार कार्ड बनवाया ।
आरोपी महिला ने बताया कि 13 अप्रैल को वह बस से दिल्ली से ऋषिकेश आयी थी ।
पुलिस का कहना है कि महिला के पास से फर्जी आधार कार्ड के अलावा बांग्लादेश का राष्ट्रीय पहचान पत्र, बांग्लादेश नागरिकता प्रमाण पत्र की छायाप्रति और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।
उसने कहा कि आरोपी महिला के विरुद्ध ऋषिकेश थाने में भारतीय न्याय संहिता, पासपोर्ट अधिनियम 1967 विदेशी/आव्रजन अधिनियम 2025 की की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है ।
पुलिस ने बताया कि फर्जी दस्तावेज बनाने में आरोपी की मदद करने वालों की भी पुलिस तलाश कर रही है और उनके विरूद्ध भी कार्रवाई की जाएगी ।
भाषा दीप्ति राजकुमार
राजकुमार