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पश्चिम एशिया के साथ भारत का व्यापार मार्च में 50 प्रतिशत से अधिक गिरा

नयी दिल्ली, 15 अप्रैल (भाषा) अमेरिका और इजराइल की तरफ से ईरान पर किए गए हमले के बाद उत्पन्न गंभीर व्यवधानों के कारण मार्च में पश्चिम एशिया क्षेत्र के साथ भारत के व्यापार में 50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अग्रवाल ने यहां मार्च के व्यापार आंकड़े जारी करते हुए कहा कि पिछले महीने पश्चिम एशियाई देशों के साथ भारत के निर्यात में 57.95 प्रतिशत और आयात में 51.64 प्रतिशत की गिरावट रही।

ईरान पर 28 फरवरी को हुए संयुक्त हमले के बाद प्रमुख समुद्री व्यापार मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य अस्थायी रूप से बंद हो गया था जिससे क्षेत्र के साथ व्यापार पर व्यापक असर पड़ा।

करीब 33 किलोमीटर चौड़ा यह जलडमरूमध्य भारत से पश्चिम एशिया के देशों को होने वाले माल परिवहन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन इसके अवरुद्ध हो जाने से भारतीय व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ा है।

सामान्य परिस्थितियों में भारत इस क्षेत्र को हर महीने लगभग छह अरब डॉलर का निर्यात करता है, लेकिन मार्च में यह आंकड़ा घटकर महज 2.5 अरब डॉलर रह गया। इस तरह इन देशों को निर्यात में लगभग 3.5 अरब डॉलर की कमी आई है।

वाणिज्य सचिव ने कहा कि पश्चिम एशियाई देशों के साथ व्यापार के मामले में अप्रैल माह भी चुनौतीपूर्ण रहने का अनुमान है।

उन्होंने बताया कि रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग वस्तुएं, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, पेट्रोलियम उत्पाद और चावल जैसे क्षेत्रों के निर्यात में प्रमुख रूप से गिरावट आई है।

अग्रवाल ने कहा, 'इस तरह के संकट के समय आपूर्ति शृंखलाओं में नए सिरे से संतुलन होता है और भारतीय निर्यातक नए बाजारों की ओर रुख करने की कोशिश कर रहे हैं। यह केवल भारत-पश्चिम एशिया की चुनौती नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया से जुड़े लॉजिस्टिक की समस्या है।”

उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया से तेल एवं गैस की आपूर्ति बाधित होने से इस्पात, प्लास्टिक और रबर जैसे कच्चे माल की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे लागत दबाव बढ़ा है।

सरकार ने खाड़ी क्षेत्र में उत्पन्न स्थिति के प्रभाव को कम करने के लिए निर्यातकों के लिए कई उपाय किए हैं। वर्ष 2024-25 में इस क्षेत्र में भारत का निर्यात लगभग 57 अरब डॉलर रहा था।

भारत और खाड़ी क्षेत्र के बीच 2024-25 में कुल द्विपक्षीय व्यापार 178 अरब डॉलर का रहा था जिसमें 56.87 अरब डॉलर का निर्यात और 121.67 अरब डॉलर का आयात शामिल है।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण