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टीवीके प्रमुख विजय ने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया को वापस लेने की मांग की

चेन्नई, 15 अप्रैल (भाषा) तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) प्रमुख विजय ने केंद्र सरकार से संविधान संशोधन (131वां संशोधन) विधेयक वापस लेने की जोरदार मांग करते हुए बुधवार को इसे “पक्षपातपूर्ण कदम” करार दिया।

विजय ने कहा कि यह प्रस्तावित प्रक्रिया संसद में दक्षिणी राज्यों विशेषकर तमिलनाडु के लोगों की आवाज को कमजोर करने की दिशा में उठाया गया कदम है।

विजय ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले प्रावधान का स्वागत करती है, लेकिन उक्त संशोधन विधेयक का विरोध करती है।

उन्होंने कहा कि इससे दक्षिणी और उत्तरी राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व का अनुपातिक अंतर काफी बढ़ जाएगा।

विजय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने बयान में कहा, ‘‘यदि यह होता है तो भाषा, संस्कृति और राज्यों के अधिकारों से जुड़े कानूनों के निर्माण जैसे मामलों में दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व घट जाएगा, जबकि उत्तरी राज्यों का प्रभाव बढ़ जाएगा, साथ ही केंद्र सरकार की नीतियों को आकार देने में भी उनका वर्चस्व बढ़ेगा।”

उन्होंने आरोप लगाया, “यह केंद्र की ओर से एक पक्षपातपूर्ण कदम है।”

विजय ने कहा, “इस विधेयक का पारित होना उन राज्यों के लिए ‘दंड’ जैसा होगा, जिन्होंने वर्षों तक केंद्र सरकार की नीतियों का पालन किया है, जबकि जिन्होंने ऐसा नहीं किया, उनके लिए यह ‘पुरस्कार’ साबित होगा।”

विजय ने कहा, “इन सभी संभावित प्रतिकूल प्रभावों को देखते हुए मैं केंद्र सरकार से आग्रह करता हूं कि इस विधेयक को वापस लिया जाए और वर्तमान व्यवस्था को जारी रखा जाए।”

भाषा खारी नरेश

नरेश