नयी दिल्ली, 15 अप्रैल (भाषा) सरकार देश से मोबाइल फोन निर्यात को बढ़ावा देने के लिए मई तक उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का नया संस्करण पेश कर सकती है जिसका आकार पांच अरब डॉलर (करीब 46,000 करोड़ रुपये) से अधिक रहने की संभावना है। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
घटनाक्रम से परिचित सूत्रों ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय इस प्रस्ताव पर वित्त मंत्रालय के साथ चर्चा कर रहा है, जिसके बाद इसे मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। नई योजना का मुख्य उद्देश्य मोबाइल फोन निर्यात को दोगुना करना है।
एक सूत्र ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, ‘‘मोबाइल फोन के लिए पीएलआई 2.0 योजना पर काम चल रहा है, जिसका मुख्य रूप से ध्यान निर्यात बढ़ाने पर है। यह योजना मई तक लागू हो सकती है और इसका आकार पांच अरब डॉलर से अधिक रहने की संभावना है।’’
वर्ष 2020 में बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए शुरू की गई एलएसईएम योजना का कुल आकार 40,995 करोड़ रुपये था। मोबाइल फोन के लिए संचालित इस पीएलआई योजना के तहत देश में मोबाइल फोन के विनिर्माण और निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत से 2.62 लाख करोड़ रुपये (लगभग 28 अरब डॉलर) के स्मार्टफोन का निर्यात हुआ। फरवरी, 2026 तक इस योजना के तहत कुल निर्यात 6.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य से 27 प्रतिशत ज्यादा है।
हालांकि, रोजगार सृजन के मामले में योजना लक्ष्य से पीछे रही और दो लाख के लक्ष्य के मुकाबले करीब 1.85 लाख नौकरियां ही सृजित हो सकीं।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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