कोलकाता, 15 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला करते हुए उस पर पश्चिम बंगाल में ‘‘अरबी संस्कृति’’ थोपने का आरोप लगाया।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा राज्य को ‘‘बंगाली हिंदुओं की मातृभूमि’’ के रूप में संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पोइला बैसाख (बंगाली नव वर्ष) के अवसर पर 'मातृशक्ति भरोसा कार्ड' की शुरुआत करते हुए अधिकारी ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार राज्य की सनातन विरासत को व्यवस्थित रूप से कमजोर कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम उर्दू भाषा और महिलाओं को घूंघट में रखने वाली संस्कृति को थोपने का प्रयास देख रहे हैं। यह स्वामी विवेकानंद और श्री चैतन्य की भूमि पर हमला है।’’
अधिकारी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी की विरासत का हवाला देते हुए कहा कि उन्हीं के प्रयासों के कारण 1947 में पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा बना रहा।
अधिकारी ने मीडिया से कहा, ‘‘जिन्ना इस भूमि को पाकिस्तान के लिए चाहते थे, लेकिन मुखर्जी और स्वामी प्रणवानंद महाराज ने यह सुनिश्चित किया कि यह भारत के पास ही रहे। इस नव वर्ष पर, हम इस बंगाली हिंदू मातृभूमि की रक्षा करने और अपनी माताओं और बहनों के खिलाफ 'लव जिहाद' जैसे अत्याचारों को हमेशा के लिए समाप्त करने का संकल्प लेते हैं।’’
पार्टी के 'संकल्प पत्र' का उल्लेख करते हुए, अधिकारी ने इसे 'विश्वास' का दस्तावेज बताया, जिसका उद्देश्य देश की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में बंगाल की 'खोई हुई प्रतिष्ठा' को पुनर्स्थापित करना है।
तृणमूल कांग्रेस की मौजूदा सामाजिक कल्याण योजनाओं के जवाब में भाजपा 'मातृशक्ति भरोसा कार्ड' को राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण की एक प्रमुख गारंटी के रूप में पेश कर रही है।
भाषा आशीष माधव
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