नयी दिल्ली, 15 अप्रैल (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2025 में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर कथित हमला करने के मामले में दो व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमे पर रोक लगाने से बुधवार को इनकार कर दिया।
न्यायमूर्ति अनूप जे भंभानी ने रोहिणी स्थित एफएसएल को आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया और चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी।
इस दौरान आरोपियों के वकील ने उच्च न्यायालय से निचली अदालत की कार्यवाही को स्थगित करने का आग्रह किया।
अदालत मामले में हत्या के प्रयास सहित अन्य आरोप तय करने के खिलाफ सकरिया राजेशभाई खिमजीभाई और तहसीन रजा रफीउल्लाह शेख की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
न्यायमूर्ति भंभानी ने कहा कि मोबाइल फोन में रहस्य छिपा हो सकता है और इस मामले में, आरोपी व्यक्तियों के उपकरणों की जांच से उनके बीच के संबंध को समझने में मदद मिलेगी क्योंकि दोनों में से कोई भी दिल्ली का निवासी नहीं है।
दिल्ली पुलिस के वकील की ओर से मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में तेजी लाने का अनुरोध किया गया था।
याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि निचली अदालत में 25 अप्रैल को मामले की सुनवाई होनी है और अगर कार्यवाही पर रोक नहीं लगाई गई तो सबूतों की रिकॉर्डिंग शुरू हो जाएगी।
गुप्ता पर 20 अगस्त को सिविल लाइंस इलाके में उनके कैंप कार्यालय में ‘जनसुनवाई’ कार्यक्रम के दौरान हमला किया गया था। उनके कार्यालय ने हमले को ‘‘उन्हें मारने की सुनियोजित साजिश’’ का हिस्सा करार दिया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, दोनों आरोपियों ने गुजरात के राजकोट में एक बैठक की और शेख ने खिमजीभाई के खाते में 2,000 रुपये भेजे ताकि वह हमले की योजना बना सके।
भाषा नेत्रपाल माधव
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