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ओडिशा: खाद्य विषाक्तता से एक छात्र की मौत मामले की जांच शुरू

भुवनेश्वर/बारीपदा, 15 अप्रैल (भाषा) ओडिशा के मयूरभंज जिले में सरकार द्वारा आदिवासी समुदाय के विद्यार्थियों के लिए संचालित आवासीय स्कूल में कथित खाद्य विषाक्तता से एक छात्र की मौत और 100 से अधिक छात्रों के बीमार होने के मामले की जांच मध्य संभाग के संभागीय राजस्व आयुक्त ने बुधवार को शुरू की।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर राजस्व आयुक्त सुधांशु मोहन सामल स्कूल पहुंचे और वहां के कर्मचारियों, अभिभावकों तथा छात्रों से बातचीत की।

उन्होंने बताया कि काकबंधा आश्रम स्कूल के छात्रों ने रविवार सुबह ‘अधिकृत मेन्यू में शामिल नहीं किए गए खाद्य पदार्थ’ का सेवन करने के बाद असहज होने तथा बीमार पड़ने की शिकायत की।

प्रभावित छात्रों के अभिभावकों ने दावा किया कि बच्चों ने पाखला भात (चावल), मसले हुए आलू और आम की चटनी खाई थी, जिसके बाद उन्हें दस्त और उल्टी की समस्या होने लगी।

अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद 100 से अधिक बीमार छात्रों को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से 67 छात्रों को गंभीर हालत में बारीपदा स्थित पीएमआर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मयूरभंज जिले की कलेक्टर हेमा कांता साय ने बताया, “पांचवीं कक्षा की छात्रा रूपाली बेसरा को सोमवार को अस्पताल के गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था। इलाज के बावजूद मंगलवार सुबह उसकी मृत्यु हो गई।”

मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक शशिकांत सेठी ने कहा, ‘‘ 45 छात्र स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचाराधीन थे, जबकि 72 अन्य को पीएमआर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में स्थानांतरित किया गया।’’

सेठी के अनुसार, बारीपदा स्थित मेडिकल कॉलेज में भर्ती छात्रों में से एक की मौत हो गई है जबकि 12 छात्रों को छुट्टी दे दी गई है। इसके अलावा, आईसीयू में भर्ती दो छात्रों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

इस बीच, मृत छात्रा का अंतिम संस्कार उसके पैतृक गांव रसगोविंदपुर में किया गया।

इससे पहले परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे स्थानीय लोगों की पुलिस से झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने शव को गांव पहुंचने के बाद वाहन से बाहर नहीं निकालने दिया।

बेतनोती अनुमंडल पुलिस अधिकारी(एसडीपीओ) मिनाती बिस्वाल ने कहा, “लोगों ने शिक्षकों के साथ मारपीट की और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। प्रदर्शनकारियों ने जलती हुई बांस की लाठियां भी पुलिस पर फेंकी।’’

उन्होंने बताया कि झड़प में करीब 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए।

बिस्वाल ने कहा, “हिंसा के संबंध में मामला दर्ज किया जाएगा।”

उन्होंने बताया कि मृतका की मां की शिकायत के आधार पर पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका है।

अधिकारियों ने बताया कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक जयंत कुमार पाणिग्रही को कर्तव्य में लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया गया है और सरकार ने मृतका के परिवार को सात लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

राज्य की मुख्य विपक्षी बीजू जनता दल ने मामले के संबंध में एक समिति का गठन किया है जो स्कूल का दौरा करेगी और मृतका के परिजनों से मुलाकात करेगी।

भाषा प्रचेता धीरज

धीरज