जयपुर, 15 अप्रैल (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को आरोप लगाया कि राज्य में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव कराने में हो रही देरी संवैधानिक संकट के समान है ।
उन्होंने कहा कि ऐसे में सरकार को बर्खास्त कर देना चाहिए।
गहलोत ने पत्रकारों से कहा, “स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव कराने में देरी संवैधानिक संकट जैसी है। सरकार को बर्खास्त कर देना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय दोनों ने समय पर चुनाव कराने पर जोर दिया है और ऐसे निर्देशों का पालन न करना गंभीर संवैधानिक चिंताओं को जन्म देता है।
गहलोत ने कहा, “राज्यपाल और राष्ट्रपति को हस्तक्षेप करना चाहिए। जब इस तरह संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन हो रहा है, तो सरकार कैसे सत्ता में बनी रह सकती है?”
भाजपा पर निशाना साधते हुए गहलोत ने आरोप लगाया कि “डबल इंजन सरकार” खुद को बचा रही है।
उन्होंने कहा, “जिनके पास बर्खास्त करने की शक्ति है, वे उनके ही साथी हैं। वे उनके खिलाफ कैसे कार्रवाई करेंगे।”
उन्होंने राज्यपाल और केंद्र की चुप्पी की आलोचना की तथा राष्ट्रपति से समय पर चुनाव सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की।
अपने कार्यकाल को याद करते हुए गहलोत ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी चुनाव कराए गए। उन्होंने कहा, “एक बार कर्मचारियों की हड़ताल के कारण चुनाव स्थगित करने की सलाह दी गई थी, लेकिन हमने चुनाव कराए। हमेशा समाधान निकाला जा सकता है।”
गहलोत ने आरोप लगाया कि सरकार जनता का सामना करने से डर रही है और जानबूझकर चुनाव में देरी कर रही है।
भाषा बाकोलिया राजकुमार
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