(तस्वीरों के साथ)
मांड्या (कर्नाटक), 15 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को लोगों से ‘‘विकसित कर्नाटक और विकसित भारत’’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती और सेवा समेत नौ सामूहिक संकल्प लेने की अपील की।
अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए मोदी ने कहा कि उनका पहला आग्रह जल संरक्षण और बेहतर जल प्रबंधन को लेकर है। इसके बाद उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण, सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता, “वोकल फॉर लोकल” के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने, घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहित करने, रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती अपनाने, मोटे अनाज के साथ स्वस्थ भोजन करने और तेल के कम उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की।
मोदी ने लोगों से योग और फिटनेस को अपनाने तथा सेवा भाव को बढ़ाने का भी आग्रह किया।
उन्होंने मांड्या स्थित आदिचुंचनगिरि महासंस्थान मठ में श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘यदि हम इन नौ संकल्पों पर ईमानदारी और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें, तो हम तेजी से विकसित कर्नाटक और विकसित भारत की दिशा में प्रगति कर सकते हैं।’’
यह मंदिर पूज्य संत श्री बालगंगाधरनाथ महास्वामी की स्मृति में समर्पित एक स्मारक है, जो मठ के 71वें पीठाधीश्वर थे और प्रमुख वोक्कालिगा समुदाय द्वारा अत्यंत श्रद्धा से पूजे जाते हैं।
मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री एवं जनता दल (सेक्युलर) के प्रमुख एच डी देवेगौड़ा के साथ ‘सौंदर्य लहरी और शिव महिम्न स्तोत्रम’ नामक पुस्तक का भी विमोचन किया।
‘मंदिर’ के उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री ने ज्वाला पीठ का दौरा किया, जहां मान्यता के अनुसार भगवान शिव ने तपस्या की थी। मोदी ने श्री कालभैरवेश्वर स्वामी मंदिर में भी जाकर पूजा-अर्चना की।
मोदी ने कर्नाटक की विशेषता बताने वाले तत्वज्ञान और तंत्रज्ञान के अनूठे संगम पर बल दिया।
उन्होंने बालगंगाधरनाथ महास्वामीजी जैसी प्रख्यात हस्तियों के गहन आध्यात्मिक मार्गदर्शन की सराहना की और वर्तमान नेतृत्व द्वारा इस विरासत को नए जोश के साथ आगे बढ़ाने की प्रशंसा की।
उन्होंने दिवंगत संत के शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में योगदान पर प्रकाश डाला और बताया कि उनके मार्गदर्शन में स्थापित सैकड़ों संस्थानों से ग्रामीण और वंचित समुदायों को लाभ हुआ है।
मोदी ने कहा, ‘‘स्वामी जी का मानना था कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा कुछ ही लोगों का विशेषाधिकार नहीं होना चाहिए, बल्कि हर नागरिक तक पहुंचनी चाहिए।’’
सरकारी योजनाओं से तुलना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने करोड़ों गरीब नागरिकों के लिए मुफ्त इलाज संभव बनाया है और 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को भी सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए इन योजनाओं का विस्तार किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह सिर्फ पर्यावरण संरक्षण का मामला नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक चेतना से भी जुड़ा हुआ है।’’
मोदी ने कहा कि मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है और भगवान सुब्रह्मण्यम से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘अपने गुरु के सम्मान में श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का निर्माण करना मात्र एक ढांचा खड़ा करना नहीं है, बल्कि गहन आध्यात्मिक भक्ति की सच्ची अभिव्यक्ति है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह मंदिर निःसंदेह सेवा और प्रेरणा का एक चिरस्थायी प्रतीक बनेगा।’’
मांड्या के ‘‘सक्करे नगर’’ के लोगों के आतिथ्य सत्कार पर विशेष ध्यान आकर्षित किया।
उन्होंने बाजरा, विशेष रूप से रागी के महत्व पर भी जोर दिया और पारंपरिक खाद्य पदार्थ को लोकप्रिय बनाने में पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा की भूमिका को सराहा। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे देश में मोटापा एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है और इससे निपटने के लिए हमें अपने भोजन में तेल के इस्तेमाल को दस प्रतिशत तक कम करने का प्रयास करना चाहिए।’’
इस मौके पर राज्यपाल थावरचंद गहलोत, आदिचुंचनगिरि महासंस्थान मठ के वर्तमान पीठाधीश्वर निर्मलानंदनाथ महास्वामी, केंद्रीय मंत्रियों एच डी कुमारस्वामी और शोभा करंदलाजे समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
भाषा
देवेंद्र रंजन
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