Breaking News

कोलकाता से एक गिरफ्तार, पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों के लिए जासूसी करने का आरोप     |   विदेश से लौटते ही कल पीएम मोदी कैबिनेट मंत्रियों के साथ मीटिंग करेंगे     |   रोम: पीएम मोदी को खाद्य एवं कृषि संगठन का सर्वोच्च सम्मान मिला     |   भोपाल: ट्विशा का दूसरा पोस्टमार्टम नहीं होगा, परिवार की याचिका कोर्ट से खारिज     |   केरलम में दूध के दाम चार रुपये बढ़े, एक जून से होंगे लागू     |  

नैनीताल में पहाड़ी से बोल्डर गिरा, 25 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया

Uttarakhand: उत्तराखंड के नैनीताल के तल्लीताल क्षेत्र में पहाड़ी से एक विशालकाय बोल्डर के लुढ़ककर नीचे खड़ी एक कार पर जा गिरने से इलाके में दहशत फैल गयी जिसके बाद तत्काल हरकत में आए प्रशासन ने 25 परिवारों को वहां से सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के मुताबिक, घटना सोमवार शाम को कृष्णापुर क्षेत्र में हुई जहां बोल्डर गिरने से एक मकान के आगे खड़ी कार पूरी तरह से पिचक गयी। बोल्डर के साथ कई छोटे पत्थर भी मौके पर गिरे जिनके साथ कार के पास खड़ी एक स्कूटी और एक मोटरसाइकिल भी लुढ़ककर खाई में जा गिरे।

स्थानीय लोगों ने बताया कि गनीमत रही कि घटना के समय मौके पर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था जिससे अप्रिय घटना टल गयी। हालांकि, उनका कहना है कि अगर बोल्डर लुढ़ककर थोड़ा आगे तक चला जाता तो पहाड़ी के नीचे की ओर स्थित कई घरों को काफी नुकसान पहुंच सकता था।

स्थानीय निवासी अनिल सिंह रावत ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आस-पास चल रहे निर्माण कार्य के कारण यह बोल्डर खिसका होगा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में लगभग 4,000 परिवार रहते हैं और स्कूली बच्चे अक्सर इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। एक अन्य निवासी पंकज चौधरी ने दावा किया कि इस बोल्डर में पहले ड्रिल किया गया था लेकिन बाद में काम अधूरा छोड़ दिया गया और संभवतः इसी कारण वह अस्थिर हुआ होगा।

इस बीच, घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन ने एहतियात के तौर पर करीब 25 परिवारों को वहां से सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि तहसीलदार अक्षय भटट की निगरानी में एक निकटवर्ती स्कूल में लोगों के लिए खाने और अस्थाई तौर पर आश्रय की व्यवस्था कर दी गयी है।

नैनीताल के उप-जिलाधिकारी नवाजिश खलिक ने कहा कि सभी खतरनाक पत्थरों को सुरक्षित रूप से तोड़ दिए जाने तथा क्षेत्र को सुरक्षित घोषित करने के बाद ही विस्थापित किए गए परिवारों को अपने घर लौटने की अनुमति दी जाएगी।