उत्तराखंड में किशोर की आत्महत्या की घटना ने सनसनी मचा दी है। पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार कस्बे में शनिवार शाम को एक पुलिस कांस्टेबल के 15 वर्षीय बेटे ने कथित तौर पर फांसी लगा ली। इस आत्महत्या का कारण ऐसा है जो हैरान करता है।
परिवार ने किशोर को नारियल पानी पीने के लिए नहीं दिया। इससे नाराज होकर किशोर ने यह कदम उठा लिया है। अब उसके खौफनाक कदम की चर्चा शुरू हो गई है। किशोरों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर गंभीर कदम उठाए जाने की भी चर्चा है।
कोटद्वार कोतवाली थाने के उपनिरीक्षक पंकज तिवारी ने इस पूरे मामले की जानकारी दी। वह किशोर आत्महत्या केस की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कक्षा 10 के छात्र ने शाम 6:30 बजे स्कूल से लौटने के बाद नारियल पानी मांगा। जब किशोर ने यह कदम उठाया, तब उसके पिता चमोली में थे। वे वहीं पर अभी तैनात हैं। किशोर के परिवार के सदस्यों ने कहा कि लड़के ने उनसे उसके लिए नारियल पानी लाने के लिए कहा था।
जांच अधिकारी ने कहा कि परिजनों ने उसे अगले दिन तक इंतजार करने के लिए कहा। यह कहते हुए कि शाम को इसे पीने से उसे सर्दी लग सकती है। इससे परेशान होकर वह अपने कमरे में गया। खिड़की की ग्रिल से बंधे फंदे से लटक गया। उन्होंने कहा कि लड़के का शव उसके परिवार ने तब लटका हुआ पाया, जब वे उसे शाम के नाश्ते के लिए बुलाने उसके कमरे में गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।