लखनऊ से दिल्ली जा रही स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस के ई-वन कोच पर गुरुवार शाम फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन के निकट पथराव किया गया। पत्थर लगने से एक खिड़की का कांच भी टूट गया। ट्रेन के इसी कोच में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत भी सवार थे। भागवत की ट्रेन पर इस वर्ष में पथराव की यह दूसरी घटना है। इससे पहले फरवरी, 2026 में वंदे भारत एक्सप्रेस से लखनऊ से मेरठ जाते समय हरदोई में उनकी ट्रेन पर पथराव हुआ था।
इस मामले में एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस लखनऊ से गुरुवार दोपहर साढ़े तीन बजे दिल्ली के लिए चली थी। करीब सात बजे फिरोजाबाद रेलवे स्टेशन से पहले पेमेश्वर गेट के निकट ट्रेन पर पथराव किया गया। एक पत्थर के ई-वन कोच की खिड़की में लगने से कांच टूट गया।
संघ प्रमुख के इसी कोच में सवार होने के कारण ट्रेन के स्टाफ में खलबली मच गई। घटना की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम और वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। साढ़े सात बजे टूंडला रेलवे स्टेशन पर आने से पहले ही आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारी फोर्स सहित पहुंच गए। यहां चेकिंग के बाद ट्रेन को रवाना किया गया।
पुलिस और खुफिया विभाग भी सक्रिय हो गया है। अफसर रेलवे स्टेशन पहुंचे और मामले की जानकारी जुटाई। पेमेश्वर गेट और उसके आसपास क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए। आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त विनीत सागर का कहना है कि फिरोजाबाद के आसपास एक पत्थर ट्रेन पर लगा था। प्रारंभिक जांच में किसी शराबी द्वारा पत्थर फेंकने की बात सामने आई है। उसकी तलाश की जा रही है। जीआरपी थाना प्रभारी शेर सिंह का कहना है कि उसी कोच पर पत्थर लगा, जिसमें भागवत बैठे थे। हालांकि वह दूसरी साइड पर थे।