केरल सरकार ने राज्य की सभी महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए 15 जून से केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) की साधारण बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का फैसला किया है। इस योजना का लाभ सभी महिलाओं को मिलेगा और इसके लिए किसी विशेष कार्ड या प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं होगी।
परिवहन मंत्री सी.पी. जॉन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह सरकार का एक ऐतिहासिक निर्णय है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक राहत देना और उनकी आवाजाही को आसान बनाना है। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्तमान में KSRTC की 3,125 साधारण बसें संचालित हो रही हैं और सभी इस योजना के दायरे में आएंगी।
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन 15 जून को सुबह 8:30 बजे तिरुवनंतपुरम के थंपानूर बस स्टेशन से इस योजना का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। उद्घाटन के दौरान पहली बस का संचालन पूरी तरह महिला चालक और महिला स्टाफ द्वारा किया जाएगा। सी.पी. जॉन ने कहा कि यह योजना वित्तीय रूप से बड़ी जिम्मेदारी है, लेकिन इसका पूरा बोझ KSRTC पर नहीं डाला जाएगा। उन्होंने बताया कि इस योजना पर प्रतिदिन लगभग 2 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। हालांकि वास्तविक खर्च का आकलन टिकट डेटा उपलब्ध होने के बाद ही किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने KSRTC को विशेष वित्तीय सहायता देने का आश्वासन भी दिया है।
परिवहन मंत्री ने कहा कि महिलाओं की बचत से राज्य की अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा। उनके अनुसार, महिलाओं की डिस्पोजेबल आय में 15 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे अन्य क्षेत्रों में खर्च बढ़ेगा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मुफ्त यात्रा की सुविधा ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित 'ग्रामवंडी' सेवा की साधारण बसों में भी उपलब्ध होगी। वर्तमान में ग्रामवंडी सेवा के तहत 58 बसें संचालित हो रही हैं, जिन्हें जल्द बढ़ाकर कम से कम 500 बसों तक पहुंचाने की योजना है।
परिवहन मंत्री ने बताया कि फिलहाल यह सुविधा केवल साधारण बसों तक सीमित रहेगी, हालांकि भविष्य में इसके विस्तार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की सरकार के सत्ता में आने के बाद यह बड़ा जनकल्याणकारी फैसला माना जा रहा है। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के नेतृत्व में बनी नई सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है।