Breaking News

सीतामढ़ी में कुख्यात अपराधी राकेश यादव के भाई को अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने मारी गोली, मौत     |   ठाणे: मेट्रो निर्माण कार्य के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरा 26 टन वजन वाला कंटेनर, टला बड़ा हादसा     |   ग्रेटर नोएडा: एल्डिगो सोसाइटी में वाटर टैंक सफाई के दौरान 2 की दम घुटने से मौत     |   जम्मू-कश्मीर के दरहाली अट्टी इलाके में अचानक आई बाढ़, घरों और खेतों में घुसा पानी     |   दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशन फिर खुले, यात्रियों के लिए बड़ी राहत     |  

मेरठ का मवाना गांव लिख रहा है हरित भविष्य की इबारत, स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा में अग्रणी

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में मेरठ जिले का मवाना गांव स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नया अध्याय लिख रहा है। यहां लगे सीबीजी संयंत्र की उत्पादन क्षमता रोजाना 14.1 टन है। ये संयंत्र स्थानीय उद्यमियों अरुण जग्गी और ललित जग्गी की देन है। इसमें रोज 150 टन जैविक अपशिष्ट संसाधित किया जाता है। इनमें मुख्य रूप से गन्ने का प्रेस मड और गाय का गोबर होते हैं।

ये संयंत्र पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सस्टेनेबल अल्टरनेटिव टूवर्ड्स अफोर्डेबल ट्रांसपोर्टेशन स्कीम या एसएटीएटी के तहत लगाया गया है। इसमें बने गैस को खरीदने का करार हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ है।

यहां उत्पादित गैस को सिलेंडरों में हिंदुस्तान पेट्रोलियम तक पहुंचाया जाता है। इसके अलावा गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन, पाइपलाइन नेटवर्क को भी सीधी आपूर्ति की जाती है। ये संयंत्र लगभग 50 टन लिक्विड फर्मेंटेड ऑर्गेनिक खाद भी बनाता है। ये खाद पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसका इस्तेमाल मिट्टी की सेहत बेहतर करने और फसल की उत्पादकता बढ़ाने में होता है।

ये खाद फसल की पैदावार बढ़ाने के लिए स्थानीय किसानों को मुफ्त बांटा जाता है। फिलहाल संयंत्र में रोजाना 6 टन गैस का उत्पादन होता है। इसके 2026 तक साढ़े 22 टन तक बढ़ने की उम्मीद है। गैस उत्पादन की योजना 2018 में शुरू हुई थी। इससे जैविक कचरे से स्वच्छ, नवीकरणीय ईंधन बन रहा है। इस योजना के तहत देश भर में फिलहाल 106 संयंत्र चल रहे हैं और 82 नए संयंत्र बनाए जा रहे हैं।